शिक्षा में टेक्नोलॉजी का संगम, हरियाणा के स्कूलों में पढ़ाया जाएगा AI
हरियाणा शिक्षा विभाग 2026 से क्लास 9 से एआई सिलेबस शुरू करने जा रहा है। इसके तहत एक लाख शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग दी जाएगी। एससीईआरटी ने इसके लिए पांच दिवसीय ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया है।
➤ हरियाणा शिक्षा विभाग नए सत्र 2026 से क्लास 9 से एआई सिलेबस शुरू करेगा
➤ करीब एक लाख शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से एआई ट्रेनिंग दी जाएगी
➤ एससीईआरटी ने 5-डे ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया, जिससे छात्रों में रचनात्मकता और डिजिटल स्किल्स बढ़ेंगे
हरियाणा की शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने घोषणा की है कि आगामी शिक्षण सत्र 2026 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिलेबस शुरू किया जाएगा। इस सिलेबस को चार चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में क्लास 9 से शुरुआत होगी और इसके बाद इसे क्रमशः क्लास 10, 11 और 12 तक विस्तार दिया जाएगा।
विभाग का कहना है कि इस पहल से छात्रों की पढ़ाई अधिक व्यावहारिक और आकर्षक बन सकेगी। टीचिंग में एआई उपकरणों का उपयोग किया जाएगा, ताकि लेसन को रचनात्मक तरीके से पढ़ाया जा सके। इस प्रोजेक्ट की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग करीब एक लाख शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देगा।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा खुद इस मुहिम की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवश्यक तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसी कड़ी में, 25 से 29 सितंबर तक जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। सिरसा जिले के 50 शिक्षकों को एआई की बुनियादी अवधारणाओं, परियोजना-आधारित शिक्षा, प्रश्नपत्र डिजाइन और मूल्यांकन तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाएगी।
हरियाणा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इस पहल के लिए एक 5-दिवसीय ट्रेनिंग मॉड्यूल विकसित किया है। इसमें एआई की मूल अवधारणाएं, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, कक्षा अनुप्रयोग, मूल्यांकन और परीक्षा की तैयारी जैसे विषय शामिल हैं। प्रत्येक जिले से दो मास्टर ट्रेनर को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है और अब वही अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।
अधिकारियों का कहना है कि अब तक छात्रों को केवल ईमेल आईडी बनाना, मेल भेजना और फाइल डाउनलोड करने जैसी बुनियादी डिजिटल स्किल्स ही सिखाई जाती थीं। लेकिन एआई पाठ्यक्रम शुरू होने के बाद छात्र समस्या-समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल टूल्स के गहन उपयोग में दक्ष हो सकेंगे। साथ ही, शिक्षक भी एआई की मदद से स्लाइड्स, ग्राफिक्स, तालिकाएं और नोट्स बनाने जैसे काम अधिक कुशलता से कर पाएंगे।