क्‍या हरियाणा बीजेपी में सब कुछ ठीक है..5 जिलाध्यक्षों पर कार्यकर्ताओं की बगावत,चिट्ठियां वायरल

हरियाणा BJP में पांच जिलाध्यक्षों के खिलाफ बगावती सुर उठे। रोहतक, गोहाना, भिवानी, जींद और फतेहाबाद में संगठनात्मक विवाद गहराया। कांग्रेसीकरण और जाटों की अनदेखी के आरोप लगे।

क्‍या हरियाणा बीजेपी में सब कुछ ठीक है..5 जिलाध्यक्षों पर कार्यकर्ताओं की बगावत,चिट्ठियां वायरल


• हरियाणा BJP में 5 जिलाध्यक्षों के खिलाफ बगावती चिट्ठियां वायरल
• रोहतक, गोहाना, भिवानी, जींद, फतेहाबाद में संगठनात्मक विवाद तेज
• कांग्रेसी बैकग्राउंड वालों को बढ़ावा, जाटों की अनदेखी जैसे आरोप



हरियाणा BJP में इन दिनों सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है। पार्टी के पांच जिलाध्यक्षों के खिलाफ खुलकर बगावती सुर उठने लगे हैं। शिकायतें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली तक पहुंच चुकी हैं। गोहाना, भिवानी, फतेहाबाद, जींद के बाद अब रोहतक जिला इकाई में बड़ा विवाद सामने आया है।

रोहतक भाजपा पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं को चार पन्नों का आरोपपत्र और 11 पन्नों पर हस्ताक्षर सहित कुल 16 पन्नों की शिकायत भेजी है। चिट्ठी वायरल हो गई है। आरोप लगाया गया है कि जिलाध्यक्ष रणबीर ढाका कांग्रेसी पृष्ठभूमि वाले नेताओं को बढ़ावा दे रहे हैं और संगठन को कमजोर कर रहे हैं।

शिकायत में लिखा गया है कि रणबीर ढाका का राजनीतिक इतिहास अवसरवादी रहा है। पहले वह इनेलो और कांग्रेस में रहे और सत्ता का लाभ उठाया। 2014 में भाजपा सत्ता में आते ही पार्टी में शामिल हो गए। आरोप है कि उन्होंने निजी "B" टीम बनाकर रोहतक BJP पर कब्जा किया है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, जबकि भाजपा नियमों के अनुसार जिलाध्यक्ष की आयु सीमा 45 से 55 वर्ष है।

पदाधिकारियों ने चिट्ठी में यह भी लिखा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में रोहतक सीट पर भाजपा को रिकॉर्ड अंतर से हार मिली। साथ ही 2024 के विधानसभा चुनाव में भी जिले की चारों सीटें भाजपा हार गईं। इसके पीछे पार्टी कार्यकर्ताओं ने गलत फैसलों और कमजोर संगठन को जिम्मेदार ठहराया।

गोहाना में भी जिलाध्यक्ष बिजेंद्र मलिक के खिलाफ हाथ से लिखी चिट्ठी वायरल हुई। आरोप है कि वे भाजपा का जेजेपी और कांग्रेसीकरण कर रहे हैं। पद से हटाने की मांग की गई है। हालांकि चिट्ठी वायरल होने के बाद कई नेता सामने बोलने से बच रहे हैं।

भिवानी में जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक पर आरोप है कि उन्होंने जिला कार्यकारिणी में अधिकतर गैर-जाटों को ही पद दिए। केवल दो विधानसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों को शामिल किया। जींद जिलाध्यक्ष तेजेंद्र ढुल के खिलाफ जिला उपाध्यक्ष मुकेश खटकड़ पुलिस में शिकायत भी दे चुके हैं।

फतेहाबाद में जिला अध्यक्ष प्रवीण जोड़ा और पूर्व विधायक दूड़ाराम समर्थकों के बीच महीनों से विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री नायब सैनी इस मामले की जानकारी लेकर दोनों पक्षों से मिल चुके हैं। विवाद का असर संगठन पर पड़ रहा है।

इन लगातार विवादों के बाद हरियाणा भाजपा में जिला स्तर पर गंभीर मतभेद सामने आ गए हैं, जिनके समाधान के लिए उच्च नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है।