हरियाणा में शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए तो होगी जेल, जानें

हरियाणा DGP ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। 4000 मौतों का जिक्र करते हुए ब्लाइंड स्पॉट पहचानने और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।

हरियाणा में शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए तो होगी जेल, जानें
  • डीजीपी ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, कहा सड़क दुर्घटनाएं मानव-निर्मित आपदा हैं

  • जनवरी से अक्टूबर तक 4000 मौतें, हत्या के मामलों से 5 गुना ज्यादा

  • ब्लाइंड स्पॉट पहचानें, शराबी चालकों को जेल भेजें, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश


 हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बड़ी चिंता जताते हुए राज्यभर में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। डीजीपी ने अपने पत्र में कहा है कि जनवरी से अक्टूबर 2024 के बीच हरियाणा में करीब 4000 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है, जो हत्या के मामलों से पांच गुना ज्यादा हैं।

डीजीपी ने कहा कि सड़क हादसे अब मानव-निर्मित आपदा बन चुके हैं, जिन्हें प्रयास से कम किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ब्लाइंड स्पॉट और एक्सीडेंट हॉटस्पॉट की पहचान करें और वहां सुधारात्मक कदम उठाएं।

उन्होंने लिखा कि खराब गाड़ियां सड़कों पर खड़ी न रहें, इसके लिए तत्काल कार्रवाई की जाए और जब तक गाड़ी नहीं हटाई जाती, तब तक रिफ्लेक्टिव टेप वाले कोन लगाए जाएं ताकि हादसे रोके जा सकें।

डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों को जेल भेजना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिया कि ओवरस्पीडिंग जोन पर प्रभावी नाके लगाए जाएं, चालान में सख्ती बरती जाए और ट्रक ऑपरेटरों से यह सुनिश्चित कराया जाए कि उनके ड्राइवर प्रशिक्षित हैं तथा पर्याप्त आराम करते हैं।

उन्होंने कहा कि टक्कर मारकर भागने वाले चालकों का लाइसेंस रद्द कराएं और उन्हें एक से दो साल तक जेल भेजने की कार्यवाही करें। साथ ही, सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि जहां हादसे ज्यादा हो रहे हैं, वहां साइनबोर्ड, रोड कट और डिज़ाइन में सुधार किया जाए।

डीजीपी ने कहा कि शराब ठेकों के पास शाम के समय ड्यूटी लगाई जाए। ठेके वालों से आग्रह किया जाए कि ड्राइवरों को “शराब पीकर गाड़ी न चलाएं” वाले हिंदी स्टिकर लगवाएं।

उन्होंने सर्दियों और धुंध के मौसम को लेकर विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा कि सड़क पर खड़ी गाड़ियां मौत का कारण बन सकती हैं। ऐसे हादसों पर इलाके के प्रभारी की कोताही मानी जाएगी।

अंत में डीजीपी ने कहा कि जो अधिकारी अपने क्षेत्र में सड़क हादसों को कम करने में सफल होंगे, उन्हें गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। जबकि लापरवाही बरतने वालों पर विभागीय सख्त कार्रवाई की जाएगी।