हरियाणा में दो जिलों में लगेंगी 800-800 मेगावाट थर्मल यूनिट्स, राज्‍य को पर्याप्‍त मिलेगी बिजली

हरियाणा में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग हुई। इसमें पानीपत और हिसार में 800-800 मेगावाट की नई थर्मल इकाइयां लगाने का फैसला लिया गया और स्मार्ट मीटर, बैट्री स्टोरेज समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

हरियाणा में दो जिलों में लगेंगी 800-800 मेगावाट थर्मल यूनिट्स, राज्‍य को पर्याप्‍त मिलेगी बिजली

➤ केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग
पानीपत और हिसार में 800-800 मेगावाट नई थर्मल यूनिट्स लगेंगी
➤ हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने केंद्र से सहयोग मांगा


हरियाणा में बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में देर रात एक हाई लेवल मीटिंग आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने की। इसमें हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज समेत केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय और हरियाणा ऊर्जा विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

मीटिंग में अधिकारियों के साथ चर्चा करते केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्‌टर।

बैठक में पानीपत में 800 मेगावाट और हिसार में 800 मेगावाट की नई अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल इकाइयों की स्थापना का निर्णय हुआ। इन परियोजनाओं से राज्य की बिजली उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा किया जा सकेगा।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बैठक में कहा कि ऊर्जा किसी भी राष्ट्र की जीवन रेखा है और मजबूत ऊर्जा ढांचा ही आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। उन्होंने हरियाणा के लिए केंद्र से पूर्ण सहयोग मांगा। इस पर केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि भारत सरकार की सभी योजनाओं और नीतियों के तहत हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

बैठक में एचपीजीसीएल द्वारा विस्तार परियोजनाओं के लिए कोयला लिंकेज की मांग रखी गई। केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस पर प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए ताकि मंत्रालय अनुमोदन पर विचार कर सके।

इसके अलावा, राज्य पारेषण नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए एसीएसआर कंडक्टरों की जगह एचटीएलएस कंडक्टर लगाने पर चर्चा हुई। इस हेतु पीएसडीएफ निधि की मांग की गई, जिस पर केंद्र ने प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा।

बैठक में स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट की समीक्षा भी हुई। इसमें टोटेक्स और कैपैक्स मॉडल पर चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान जैसे राज्यों के टोटेक्स मॉडल का अध्ययन कर हरियाणा में लागू करने पर त्वरित निर्णय लिया जाए ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और आधुनिक मीटरिंग सिस्टम मिल सके।

इसी क्रम में, बैट्री एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की क्षमता बढ़ाकर 500 से 1500 मेगावाट करने की मांग भी हरियाणा ने रखी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित स्थान और क्षमता को दर्शाते हुए विस्तृत प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा जाए।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि वितरण क्षेत्र सुधार योजना में कार्य की गति बढ़ाई जाए और उपभोक्ताओं के डेटा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।