हरियाणा में किसानों को बड़ी राहत: 2266 करोड़ ब्याज माफ, वन टाइम सेटलमेंट लागू
हरियाणा सरकार ने PACS ऋणधारक किसानों के 2266 करोड़ रुपए का ब्याज माफ कर दिया। बाढ़ प्रभावित 53821 किसानों को मुआवजा और 1.57 लाख किसानों को 358 करोड़ की भावांतर राशि जारी की।
• हरियाणा सरकार ने किसानों का 2266 करोड़ रुपए ब्याज माफ किया
• PACS से ऋण लेने वाले किसान मूल राशि जमा कर पूरे ब्याज से मुक्त होंगे
• बाढ़ प्रभावित 53821 किसानों को 116 करोड़ और 1.57 लाख किसानों को 358 करोड़ जारी
हरियाणा सरकार ने कर्जदार किसानों को बड़ी राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट योजना की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में इस योजना का शुभारंभ करते हुए बताया कि बजट भाषण में किसानों के पेक्सों की ओर बकाया ऋण समस्या के समाधान के लिए एकमुश्त निपटान योजना लाने का प्रस्ताव रखा गया था। उसी प्रस्ताव को लागू करते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है।
इस योजना के तहत PACS से ऋण लेने वाले किसान यदि अपनी ऋण की मूल राशि समिति के खाते में जमा करवा देते हैं तो उनका पूरा बकाया ब्याज माफ कर दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 6 लाख 81 हजार 182 किसानों और गरीब मजदूरों पर पड़े 2266 करोड़ रुपए के ब्याज को शून्य कर दिया जाएगा।
इसके साथ-साथ इस योजना का लाभ मृत किसानों के परिवारों को भी मिलेगा। प्रदेश में करीब 2 लाख 25 हजार मृत किसानों के परिजनों को 900 करोड़ रुपए के ब्याज माफी का लाभ दिया जाएगा, बशर्ते वे मूल राशि जमा करवा दें। यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम नायब सैनी ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज दावों का निपटान कर दिया है। अगस्त और सितंबर में भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी थी। नुकसान के आकलन के बाद प्रदेश के 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी कर दी गई है।
सरकार द्वारा दी गई इस राशि में बाजरे की फसल के लिए 35 करोड़ 29 लाख रुपए, कपास के लिए 27 करोड़ 43 लाख रुपए, धान के लिए 22 करोड़ 51 लाख रुपए और गवार के लिए 14 करोड़ 10 लाख रुपए शामिल हैं। चरखी दादरी के किसानों को सबसे अधिक 23 करोड़ 55 लाख रुपए जारी किए गए हैं। हिसार के किसानों को 17 करोड़ 82 लाख रुपए और भिवानी को 12 करोड़ 15 लाख रुपए मिले हैं।
मुआवजा वेरिफिकेशन के बाद 53 हजार 821 किसानों की 1 लाख 20 हजार 380 एकड़ भूमि को क्षतिग्रस्त पाया गया है। पिछले 11 वर्षों में मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 15 हजार 448 करोड़ रुपए की सहायता दी जा चुकी है।
खरीफ 2021 में बाजरे को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया था। इस योजना के तहत किसानों को 575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लाभ देने का फैसला किया गया। इसी के तहत आज 1 लाख 57 हजार किसानों को 358 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि जारी की गई है। अब तक सरकार की ओर से किसानों को भावांतर के रूप में 927 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।
इसके अलावा सरकार ने EDC फंड से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पंचकूला और हिसार के शहरी विकास व मेट्रो प्राधिकरणों को 1700 करोड़ रुपए जारी किए हैं। बाहरी विकास कार्यों को गति देने के लिए नगर एवं ग्राम योजन विभाग ने पहले भी 1500 करोड़ रुपए जारी किए थे। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 2188 करोड़ रुपए की और सहायता दी गई थी।
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