वाई पूरन कुमार केस: पूर्व SP बिजारणिया को SIT भेजेगी नोटिस, जानें पूरा मामला

हरियाणा IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में चंडीगढ़ SIT अब रोहतक के तत्कालीन SP नरेंद्र बिजारणिया और शराब कारोबारी प्रवीण बंसल से पूछताछ करेगी। पूरन कुमार के 8 पेज के सुसाइड नोट में बिजारणिया का नाम बोल्ड अक्षरों में दर्ज था।

वाई पूरन कुमार  केस: पूर्व SP बिजारणिया को SIT भेजेगी नोटिस, जानें पूरा मामला

IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में SIT की जांच तेज
पूर्व SP नरेंद्र बिजारणिया को भेजा जाएगा नोटिस
पूरन कुमार के 8 पेज के सुसाइड नोट में बिजारणिया का नाम बोल्ड अक्षरों में दर्ज



हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में अब जांच का दायरा और गहराता जा रहा है। चंडीगढ़ पुलिस की SIT ने इस मामले में नए सिरे से कई अधिकारियों और आरोपितों से पूछताछ की तैयारी कर ली है। जांच टीम अब रोहतक के तत्कालीन SP नरेंद्र बिजारणिया और शराब कारोबारी प्रवीण बंसल को नोटिस जारी करने जा रही है। दरअसल, दिवंगत आईपीएस पूरन कुमार के 8 पेज के सुसाइड नोट में बिजारणिया का नाम बोल्ड अक्षरों में लिखा गया था, जिससे यह जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है।

जांच में खुलासा हुआ है कि 6 अक्टूबर को रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में दर्ज FIR इस पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ थी। यह FIR शराब कारोबारी प्रवीण बंसल की शिकायत पर दर्ज हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि IPS पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार ने उनसे हर महीने 2.5 लाख रुपये मांगे थे ताकि उनके कारोबार में कोई दिक्कत न आए। इस FIR के बाद ही अगले दिन, यानी 7 अक्टूबर को पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में आत्महत्या कर ली

SIT ने प्रारंभिक जांच और गवाहों के बयान के आधार पर यह माना है कि पूरन कुमार की मौत उनके सुसाइड नोट में दर्ज परिस्थितियों से मेल खाती है। जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या यह FIR किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव में दर्ज हुई थी और क्या यह IPS अधिकारी की आत्महत्या का तत्काल कारण बनी।

अब तक SIT ने रोहतक पुलिस के आठ अधिकारियों और कर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें वे सभी शामिल हैं जो FIR दर्ज कराने, गिरफ्तारी की प्रक्रिया और पूरन कुमार के संपर्क में रहे। साथ ही, SIT ने रोहतक पुलिस से FIR की कॉपी, दैनिक डायरी रिपोर्ट (DDR), शिकायतकर्ता की पहचान और सुशील कुमार की गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं।

जांच के तीन मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  1. क्या FIR प्लांड थी या किसी बाहरी प्रभाव में दर्ज कराई गई थी?

  2. क्या इस FIR का IPS वाई पूरन कुमार की मौत से सीधा संबंध था?

  3. पूरन कुमार की सर्विस रिकॉर्ड, पत्राचार और शिकायतों के आधार पर घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार करना।

चंडीगढ़ SIT यह भी जांच रही है कि रोहतक में दर्ज FIR और पूरन कुमार की आत्महत्या के बीच कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं थी। SIT अब पूर्व SP नरेंद्र बिजारणिया और कारोबारी प्रवीण बंसल से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि FIR दर्ज करने से पहले और बाद में किन परिस्थितियों में यह कार्रवाई हुई थी।

पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार ने इस मामले में चंडीगढ़ के सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद SIT का गठन हुआ। अब जांच टीम हर पहलू को खंगालते हुए इस आत्महत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही है।