हरियाणा के पटवारी काली पट्टी बांधकर करेंगे काम, गिरदावरी पर संकट, सरकार से नाराज पटवारियों ने आंदोलन का एलान, 9 अक्तूबर को धरना

हरियाणा में पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। सोमवार से बुधवार तक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे और मांगें न माने जाने पर 9 अक्तूबर को धरना देंगे।

हरियाणा के पटवारी काली पट्टी बांधकर करेंगे काम, गिरदावरी पर संकट,  सरकार से नाराज पटवारियों ने आंदोलन का एलान, 9 अक्तूबर को धरना

हरियाणा में पटवारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया, आज से बुधवार तक काली पट्टी बांधकर करेंगे काम
गिरदावरी कार्य प्रभावित होने की आशंका, 45 हजार एकड़ से अधिक भूमि का सर्वे अब भी अधूरा
मांगें पूरी न होने पर 9 अक्तूबर को प्रदेशभर में धरना और काली दिवाली मनाने की चेतावनी


हरियाणा के पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सोमवार से बुधवार तक पटवारी पूरे प्रदेश में काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद भी अगर सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया, तो वे 9 अक्तूबर को सभी तहसीलों में सांकेतिक धरना देंगे और कामकाज से दूरी बनाएंगे। आंदोलन के कारण बरसात से हुए नुकसान की गिरदावरी का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

राज्य के अंबाला, गुरुग्राम, भिवानी, जींद, फरीदाबाद, रोहतक, मेवात, पलवल और चरखी दादरी जिलों में गिरदावरी का काम पटवारियों के स्तर पर पूरा हो चुका है। हालांकि, शेष जिलों में यह कार्य अभी अधूरा है। रविवार तक लगभग 45,549.82 एकड़ भूमि की गिरदावरी का काम बाकी था। वहीं, कानूनगो, राजस्व अधिकारी और एसडीएम स्तर पर भी कई जिलों में हजारों एकड़ का कार्य लंबित है।

राज्य प्रधान जयबीर चहल ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 2,605 नए पटवारियों को नियुक्त किया गया था। ये सभी जनवरी से प्रशिक्षण पर हैं, लेकिन उन्हें केवल 10 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। पटवारियों की मांग है कि प्रशिक्षण अवधि डेढ़ वर्ष से घटाकर एक वर्ष की जाए और इस दौरान पूरा वेतन दिया जाए।

अगर सरकार ने यह मांगें नहीं मानी, तो प्रदेशभर के पटवारी “काली दिवाली” मनाकर विरोध दर्ज कराएंगे। चहल ने कहा कि यह आंदोलन चरणबद्ध होगा और 9 अक्तूबर को बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।

राज्य के विभिन्न स्तरों पर गिरदावरी की स्थिति देखें तो कानूनगो स्तर पर 2,69,997.85 एकड़, क्षेत्रीय राजस्व अधिकारियों के स्तर पर 4,47,341.1 एकड़, एसडीएम स्तर पर 4,56,900.1 एकड़, जिला राजस्व अधिकारियों के स्तर पर 1,50,543.13 एकड़, जिला उपायुक्त स्तर पर 93,865.79 एकड़ और मंडल आयुक्त स्तर पर 76,457 एकड़ भूमि का कार्य लंबित है।

इन जिलों में गिरदावरी कार्य शेष:
फतेहाबाद – 2.42 एकड़
हिसार – 189.24 एकड़
झज्जर – 2,896.73 एकड़
कैथल – 274.19 एकड़
करनाल – 171.87 एकड़
कुरुक्षेत्र – 105.66 एकड़
महेंद्रगढ़ – 5,760.29 एकड़
पंचकूला – 23.59 एकड़
पानीपत – 703.5 एकड़
रेवाड़ी – 2,063.77 एकड़
सिरसा – 28,902.01 एकड़
सोनीपत – 4,389.25 एकड़
यमुनानगर – 33.14 एकड़

पटवारियों के आंदोलन से न केवल गिरदावरी बल्कि आगामी राजस्व संबंधी कार्यों में भी देरी हो सकती है। सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन आंदोलन की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है।