हरियाणा में आज से प्री-बजट मीटिंग की शुरुआत -सीएम नायब सैनी उद्योगपतियों और किसानों से लेंगे राय
हरियाणा में बजट सत्र से पहले सीएम नायब सैनी ने प्री-बजट मीटिंग शुरू की। उद्योगपतियों, किसानों और विधायकों से राय ली जाएगी। इस बार बजट 2.15 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है।
- हरियाणा में आज से शुरू होंगी प्री-बजट मीटिंग
- उद्योगपतियों, किसानों और जनप्रतिनिधियों से ली जाएगी राय
- बजट राशि 2.15 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान
हरियाणा सरकार मार्च में प्रस्तावित बजट सत्र को लेकर तैयारियों में जुट गई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी सोमवार से प्री-बजट मीटिंग की शुरुआत करने जा रहे हैं। इन बैठकों का उद्देश्य बजट को जनसरोकारों से जोड़ते हुए विभिन्न वर्गों की राय को शामिल करना है।
प्री-बजट मीटिंग के पहले चरण में मुख्यमंत्री उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। इसके बाद सोनीपत और गुरुग्राम में भी उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बजट से जुड़ी उनकी अपेक्षाएं और सुझाव लिए जाएंगे। उद्योगपतियों से राय लेने के बाद बजट के मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री किसानों समेत अन्य वर्गों के साथ भी बजट को लेकर मंथन करेंगे। बजट से पहले विधायकों और सांसदों के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं। सूत्रों के अनुसार हरियाणा का बजट मार्च के अंत तक पेश किया जा सकता है। मुख्यमंत्री नायब सैनी बतौर गृह मंत्री 2026-27 का बजट पेश करेंगे। अपने दूसरे कार्यकाल में यह मुख्यमंत्री सैनी का दूसरा बजट होगा।
वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ने 2,05,017.29 करोड़ रुपए के व्यय का प्रस्ताव रखा था। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमानों से 13.7 प्रतिशत अधिक थी। बजट में हरियाणा को भविष्य की आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नए भविष्य विभाग की स्थापना का ऐलान किया गया था।
इसी बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को प्रतिमाह 2,100 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस बार बजट का आकार बढ़कर 2.15 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसानों के साथ भी बैठक कर सकते हैं। इस दौरान किसान बजट से जुड़ी अपेक्षाएं, मौजूदा योजनाओं की प्रभावशीलता और भविष्य में नई योजनाओं पर चर्चा करेंगे। इसका उद्देश्य किसानों की आय में बढ़ोतरी से जुड़े सुझावों को बजट में शामिल करना है।
मुख्यमंत्री सभी विधायकों के साथ भी बैठक करेंगे। इन बैठकों में सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस, INLD और निर्दलीय विधायक भी शामिल होंगे। बजट को लेकर व्यापक सहमति बनाने के उद्देश्य से सभी दलों की राय ली जाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी अपने कार्यकाल में इस तरह की बैठकें करते रहे हैं।
Akhil Mahajan