हिसार में मूसलाधार बारिश से हाहाकार: 65 गांवों की बिजली गुल, सात गांवों में ड्रेन टूटी, हजारों एकड़ खेत पानी में डूबे
हिसार में लगातार तीन दिन की बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। 65 गांवों में बिजली गुल, सात गांवों में नहरें टूटीं और हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। पावर हाउस और वर्कशॉप में पानी भरने से बिजली और परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही।
➤ हिसार में तीन दिन से लगातार बारिश, 65 गांवों में बिजली गुल
➤ सात गांवों की नहरें टूटीं, हजारों एकड़ फसल जलमग्न
➤ पावर हाउस और बस अड्डा वर्कशॉप पानी में डूबे
हिसार जिले में लगातार तीन दिन से जारी भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बारिश की तीव्रता इतनी रही कि 33 केवी भिवानी रोहिल्ला-बुड़ाक, आर्य नगर-बरवाला और भाटला सब स्टेशनों में तीन-तीन फुट तक पानी भर गया। इससे हिसार सर्कल के 65 से अधिक गांवों की बिजली 12 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही।
बरसात के कारण न केवल बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई बल्कि कई ग्रामीण इलाकों में नहरें भी टूट गईं। बालसमंद की बासड़ा, घिराय, टोकस-पातन, मात्रश्याम, दौलतपुर, न्यौलीकलां, शाहपुर और लुदास में नहर टूटने से हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई। इन गांवों के सौ से अधिक परिवारों को अपने मकान छोड़कर सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेनी पड़ी।
उकलाना के गांव खैरी स्थित सरकारी स्कूल में दो फीट पानी घुसने से स्कूल बंद करना पड़ा। वहीं रोडवेज बस अड्डे की वर्कशॉप में भी पानी भर जाने से इलेक्ट्रिक बसों की सेवा ठप रही। इस माह यह चौथी बार है जब बारिश के कारण बसों के फेरे मिस हुए।
बिजली निगम की एसई फातिमा नक़्वी ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण आर्य नगर, भाटला और बरवाला सब डिवीजनों की बिजली सप्लाई रोकनी पड़ी। रविवार सुबह आर्य नगर बिजली घर में साढ़े तीन फुट पानी भर जाने से 20 गांवों की सप्लाई 10 घंटे तक ठप रही।
बरवाला में बीएंडआर विभाग की 50 फुट लंबी दीवार टूटने से पानी सीधे पावर हाउस की ओर गया। इससे 33 केवी सब डिवीजन में पानी भर गया और बरवाला शहर समेत कई फीडरों की सप्लाई बंद हो गई। देर रात तक निगम की टीमों ने दीवार को दुरुस्त कर पानी निकालने का काम किया।
72 घंटे बीत जाने के बाद भी भिवानी रोहिल्ला और बुड़ाक बिजली घरों को दुरुस्त नहीं किया जा सका। चार-चार फुट पानी जमा होने से सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। मजबूरी में वैकल्पिक रूप से आदमपुर बिजली घर से सप्लाई दी जा रही है लेकिन इससे लोड बढ़ गया है और वहां भी बिजली कट बढ़ने लगे हैं। नतीजतन बांडाहेड़ी, सीसवाला, डोभी, खारिया, बुड़ाक और बालसमंद जैसे गांव बार-बार अंधेरे में डूबे रहे।