भारत 9वीं बार एशिया कप चैंपियन: पाकिस्तान को 5 विकेट से मात
भारत ने पाकिस्तान को एशिया कप फाइनल में 5 विकेट से हराया। तिलक वर्मा की शानदार फिफ्टी और कुलदीप यादव के 4 विकेट रहे जीत के नायक। पाकिस्तान 146 पर ऑलआउट हुआ।
➤ भारत ने जीता 9वां एशिया कप
➤ फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया
➤ तिलक वर्मा की फिफ्टी और कुलदीप यादव के 4 विकेट
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर 9वीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 19.1 ओवर में 146 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने संयमित प्रदर्शन करते हुए 19.2 ओवर में 5 विकेट पर 147 रन बनाकर जीत दर्ज की।
भारतीय बल्लेबाज़ी की सबसे बड़ी खासियत रही तिलक वर्मा की फिफ्टी। इस एशिया कप में यह उनकी पहली अर्धशतकीय पारी रही, जिसमें उन्होंने धैर्य और जिम्मेदारी दोनों का परिचय दिया। तिलक वर्मा ने अहम मौकों पर स्ट्रोक्स खेलते हुए भारतीय पारी को संभालकर टीम को खिताब तक पहुंचाया।
भारतीय पारी की शुरुआत थोड़ी कमजोर रही। पावरप्ले में ही तीन अहम विकेट गिर गए। शुभमन गिल 12 रन, सूर्यकुमार यादव 1 रन और अभिषेक शर्मा 5 रन बनाकर जल्दी पवेलियन लौट गए। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने शुरुआत में दबाव बनाने की कोशिश की—फहीम अशरफ ने गिल और अभिषेक को आउट कराया, जबकि शाहीन अफरीदी ने सूर्यकुमार यादव को चलता किया।
इसके बाद संजू सैमसन ने टीम को सहारा देने की कोशिश की। उन्होंने 24 रन बनाए लेकिन अब्रार अहमद ने साहिबजादा फरहान के हाथों उनका कैच कराकर भारत को चौथा झटका दिया। यहां से तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला और शानदार फिफ्टी पूरी की। उनकी इस पारी ने भारत को आख़िरी ओवरों में जीत की ओर आगे बढ़ाया।
इससे पहले पाकिस्तान की ओर से साहिबजादा फरहान ने सबसे बड़ी पारी खेली और 57 रन बनाए। लेकिन टीम के बाकी बल्लेबाज भारत की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाए। एक समय पाकिस्तान का स्कोर 1 विकेट पर 113 रन था, लेकिन इसके बाद टीम अगले 43 रन बनाते-बनाते पूरी तरह बिखर गई और 146 पर ऑलआउट हो गई।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो कुलदीप यादव सबसे सफल रहे। उन्होंने 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट चटकाए। इन गेंदबाजों ने पाकिस्तान की बैटिंग लाइन-अप को गहरी चोट दी।
भारत की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टीम एशिया की सबसे मजबूत ताकत है। तिलक वर्मा के बल्ले और कुलदीप यादव की गेंदबाजी ने टीम को खिताब जिताने में निर्णायक भूमिका निभाई।
Akhil Mahajan