Video: इनेलो जिलाध्यक्ष के भाई डॉ. जयदीप राठी हत्याकांड में पुलिस का बड़ा खुलासा

इनेलो जिलाध्यक्ष के भाई डॉ. जयदीप राठी हत्याकांड में पुलिस ने प्रेस वार्ता कर बड़े खुलासे किए। जमीन विवाद बना हत्या की वजह, आरोपी पुलिस रिमांड पर, शव बरामदगी की जांच जारी।

Video: इनेलो जिलाध्यक्ष के भाई डॉ. जयदीप राठी हत्याकांड में पुलिस का बड़ा खुलासा

  • जमीन विवाद निकला हत्या की साजिश की जड़
  • आरोपी पुलिस रिमांड पर, शव ठिकाने लगाने की जांच जारी


पानीपत। इनेलो के जिलाध्यक्ष के भाई डॉ. जयदीप राठी की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर अब तक की जांच से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डॉ. जयदीप राठी के बेटे ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 27 तारीख को वह घर से अपने ऑफिस जाने की बात कहकर निकले थे, इसके बाद अपने फार्म हाउस पहुंचे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे।

पुलिस ने संदर्भ में एफआईआर दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की। 28 तारीख को परिजनों और पुलिस की संयुक्त छानबीन में कई सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिपिंग सामने आईं। फुटेज के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि डॉ. जयदीप राठी 27 तारीख को फार्म हाउस से अपनी गाड़ी में वजीरपुर की ओर जाते दिखे

जांच के दौरान पुलिस ने जीटी रोड और आसपास के रूट का बारीकी से विश्लेषण किया। अंतिम बार डॉ. जयदीप राठी जीरकपुर में एक अन्य गाड़ी में बैठे हुए दिखाई दिए, जिसमें उनके साथ दो अन्य व्यक्ति मौजूद थे। इसके बाद मिले फुटेज में उनकी गाड़ी को वही दो व्यक्ति ले जाते हुए दिखाई दिए, जबकि डॉ. जयदीप राठी उस समय उनके साथ नहीं थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम एसआईटी का गठन किया। एसआईटी में डीएसपी सिटी, डीएसपी समालखा, जिला पुलिस की क्राइम टीम और एसटीएफ की विशेष टीम को शामिल किया गया। जांच के दौरान परिजनों ने कुछ लोगों पर संदेह जताते हुए लिखित आवेदन दिए।

इन नामों के आधार पर पुलिस ने चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुलाया और 1 जनवरी को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में जमीन विवाद सामने आया, जिसे हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, एक अन्य आरोपी को भी वीडियो फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका एक साथी पुलिस से मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया और अस्पताल में भर्ती है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जसवंत उर्फ जस्सी और जसवीर से गहन पूछताछ की गई है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि डॉ. जयदीप राठी की हत्या कर शव को ठिकाने लगाया गया, हालांकि शव कहां और कैसे ठिकाने लगाया गया, इसकी पुष्टि अभी होनी बाकी है।

आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 8 दिन की पुलिस रिमांड हासिल की गई है। इस दौरान पुलिस पूरी वारदात को रीक्रिएट, इस्तेमाल किए गए वाहनों की पहचान, रूट मैपिंग और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश करेगी। साथ ही, शव की बरामदगी के लिए निशानदेही कराई जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही की भी जांच की जाएगी। यदि पूर्व में जमीन विवाद को लेकर किसी स्तर पर कार्रवाई में चूक हुई है, तो उसकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।