IPS वाई पूरन कुमार केस: घटनास्थल में पड़ी डैड*बाड़ी पहली फोटो आई सामने देखें, धाराएं बदली, आज महापंचायत में अहम फैसले
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➤ हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड की फोटो सामने आई
➤ पोस्टमॉर्टम को लेकर परिवार और सरकार आमने-सामने
➤ महापंचायत से पहले बढ़ा तनाव, गिरफ्तारी की मांग तेज
हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड की एक फोटो सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासन में सनसनी फैला दी है। तस्वीर में उनकी डेडबॉडी चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित कोठी नंबर 116 के बेसमेंट में बने साउंडप्रूफ कमरे में सोफे पर पड़ी नजर आ रही है। सिर, नाक और मुंह से खून बह रहा है, जबकि टी-शर्ट खून से सनी हुई है। उनके दाहिने हाथ में पिस्टल है और उन्होंने कंबल ओढ़ रखा है। इस तस्वीर ने पूरे राज्य में सुसाइड की मंशा और हालातों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूरन कुमार की मौत के बाद से सरकार और परिवार के बीच गतिरोध बना हुआ है। पाँच दिन बीत जाने के बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती परिवार को इसके लिए राजी करना है। इसी सिलसिले में चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर दिवंगत IPS की पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचीं, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
अमनीत पी. कुमार ने साफ कहा कि जब तक DGP शत्रुजीत कपूर को हटाकर अरेस्ट नहीं किया जाता और केस में नामजद IPS नरेंद्र बिजारणिया पर कार्रवाई नहीं होती, वे पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगी। सरकार ने बिजारणिया को रोहतक SP पद से हटा दिया, लेकिन गिरफ्तारी की मांग अब भी कायम है।
सरकार की कोशिशें लगातार जारी हैं। शनिवार को कैबिनेट मंत्रियों कृष्ण लाल पंवार और कृष्ण बेदी ने तीन बार IAS अमनीत से मुलाकात की, पर परिवार झुका नहीं। सूत्रों के अनुसार, अमनीत की बड़ी बेटी को DSP पद का ऑफर भी दिया गया, लेकिन परिवार ने यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इस बीच, केंद्र सरकार भी रिपोर्ट तलब कर चुकी है और संकेत मिले हैं कि DGP शत्रुजीत कपूर पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।
सरकार ने केस में SC/ST एक्ट की धारा बदल दी है। पहले धारा 3(1)(r) लगी थी, जिसमें अधिकतम 5 साल की सजा होती है। अब इसे बदलकर 3(2)(V) कर दिया गया है, जिसके तहत उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। प्रशासन का कहना है कि यह केस की गंभीरता को देखते हुए किया गया कदम है।
इस बीच, पूरन कुमार के परिवार और अनुसूचित समाज से जुड़े संगठनों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-20 स्थित गुरु रविदास गुरुद्वारे में आज दोपहर 2 बजे महापंचायत बुलाई है। परिवार ने कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे शव का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
इधर, रोहतक में IPS नरेंद्र बिजारणिया के समर्थन में सर्व समाज महापंचायत बुलाई गई है। खापों और कई सामाजिक संगठनों ने कहा है कि बिना जांच के कार्रवाई अनुचित है और सरकार को तबादला रद्द करना चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मची हुई है। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला, चंद्रशेखर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत कई नेताओं ने IAS अमनीत पी. कुमार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। वहीं, जननायक जनता पार्टी के अजय सिंह चौटाला और दुष्यंत चौटाला भी आज उनके निवास पर पहुंचेंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के कारण सरकार को शनिवार को प्रस्तावित कैबिनेट मीटिंग कैंसिल करनी पड़ी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे की तैयारियों को लेकर बुलाई गई थी। अब यह मीटिंग 12 अक्टूबर सुबह 9 बजे होगी।
पूरन कुमार की मौत सिर्फ एक आत्महत्या नहीं लग रही, बल्कि यह प्रशासनिक व्यवस्था, जातीय असमानता और पुलिस तंत्र के भीतर के संघर्षों का आईना बन गई है। पूरे राज्य की निगाहें अब इस केस के आगे के फैसलों पर टिकी हैं।
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