रैली से पहले दिग्विजय का दावा—2019 में कांग्रेस से करना चाहते थे गठबंधन

जुलाना रैली से पहले जजपा युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने दावा किया कि 2019 में कांग्रेस को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था। कांग्रेस और भाजपा ने बयान को झूठ बताया। हरियाणा में सियासी हलचल तेज।

रैली से पहले दिग्विजय का दावा—2019 में कांग्रेस से करना चाहते थे गठबंधन

दिग्विजय चौटाला का बड़ा दावा – 2019 में कांग्रेस से गठबंधन चाहा था

कांग्रेस और भाजपा ने दावे को झूठा बताया – बोले अब कोई पूछ नहीं रहा

7 दिसंबर जुलाना रैली से पहले राजनीति में गरमाई सियासत


हरियाणा की राजनीति में 7 दिसंबर को जुलाना में होने वाली जजपा की प्रदेश स्तरीय रैली से पहले सियासी तापमान तेजी से बढ़ गया है। जजपा के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के एक बड़े बयान ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद जजपा ने पहले कांग्रेस को गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया, जिसके बाद मजबूरी में भाजपा का साथ लेना पड़ा।

दिग्विजय चौटाला ने कहा कि भाजपा से गठबंधन करने के फैसले को जनता ने भले ही नकारा हो, लेकिन कांग्रेस अपनी विपक्ष की भूमिका निभाने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ बयानबाजी करती रही, जबकि जजपा ने सड़क, शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य क्षेत्रों में काम किया है, चाहे सीटें कम रही हों।

उधर, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही दिग्विजय के दावे को पूरी तरह झूठा बताया। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा—"जजपा ने कभी कांग्रेस से गठबंधन की बात नहीं की। सत्ता में रहकर जो लूट मचाई, जनता उसे जान चुकी है। अब कोई पूछ नहीं रहा, इसलिए सुबह-शाम झूठ बोल रहे हैं।"

वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने तंज कसते हुए कहा— "इतने समय बाद अब बात क्यों याद आई? अब उनकी बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता।" दिग्विजय ने यह भी दावा किया कि हरियाणा सरकार आज भी मनोहर लाल खट्टर के नियंत्रण में है और अपराध चरम पर हैं, अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है।