करनाल में फैक्ट्री मालिक की आत्म*हत्या, 13 लाख के लोन विवाद से तनाव, कर्मचारी के नाम पर लिया था ऋृण, नकली सोने का खुलासा होते ही उठाया कदम
करनाल में डिस्पोजल फैक्ट्री मालिक रविंद्र मेहता ने 13 लाख के लोन विवाद के बाद फंदा लगा आत्महत्या की। कर्मचारी के नाम पर लिया लोन, नकली सोना गिरवी रखने का आरोप। पुलिस जांच में जुटी।
- करनाल में फैक्ट्री मालिक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या
- कर्मचारी के नाम पर 13 लाख का लोन; बैंक कर्मी के घर आने पर उठाया कदम
- नकली गहने गिरवी रखकर लिया था लोन; बैंक और पुलिस कर रही जांच
करनाल में डिस्पोजल फैक्ट्री के मालिक रविंद्र मेहता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार मृतक बैंक में भी नौकरी करता था और अपनी फैक्ट्री में काम करने वाली महिला कर्मचारी सीमा के नाम पर लगभग 13 लाख रुपए का लोन लिया हुआ था। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम को बैंक अधिकारी, सीमा के घर पहुंचे थे और वहीं से विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद रविंद्र ने यह खौफनाक कदम उठाया।
पुलिस ने बताया कि एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया है और घटनास्थल से सभी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक रविंद्र करनाल के रामनगर क्षेत्र में डिस्पोजल फैक्ट्री चलाता था। 3-4 महीने पहले उसने अपनी कर्मचारी सीमा के दस्तावेजों पर भरोसा करते हुए लगभग 12-13 लाख रुपए का लोन लिया। सीमा के भाई और पिता ने जानकारी दी कि रविंद्र का परिवार पर विश्वास था, लेकिन सीमा की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसके नाम पर इतना बड़ा लोन मिल सके।
परिजनों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों की लापरवाही भी सामने आती है, क्योंकि गहने गिरवी रखे जाने पर उनकी जांच क्यों नहीं हुई। बैंक टीम ने सीमा को बताया कि जो सोना गिरवी रखा गया था वह नकली निकला है।
सीमा ने बताया कि वह चार साल से फैक्ट्री में काम कर रही है। मंगलवार को रविंद्र ने अचानक फैक्ट्री बंद करवायी और उसे घर भेज दिया। कुछ देर बाद रविंद्र ने फैक्ट्री के मुख्य गेट को बाहर से ताला लगाया और अंदर के दरवाजे से प्रवेश कर सुसाइड कर लिया।
मामले की जांच रामनगर थाना पुलिस कर रही है। यदि लोन की रिकवरी में विवाद उत्पन्न होता है, तो आगे कानूनी कार्रवाई और एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।
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