ग्राहकों के लिए बड़ी खबर, अब मोबाइल सिम की तरह बदल सकेंगे LPG कंपनी

रसोई गैस उपभोक्ताओं को अब डिस्ट्रीब्यूटर के साथ तेल कंपनी बदलने का विकल्प मिलेगा। पीएनजीआरबी ने एलपीजी इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क पर राय मांगी है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा और ज्यादा विकल्प मिल सकेंगे।

ग्राहकों के लिए बड़ी खबर, अब मोबाइल सिम की तरह बदल सकेंगे LPG कंपनी

एलपीजी उपभोक्ता जल्द बदल सकेंगे डिस्ट्रीब्यूटर के साथ तेल कंपनी भी
पीएनजीआरबी ने इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क पर मांगी राय
ग्राहकों को बेहतर सेवा और ज्यादा विकल्प मिलेंगे


रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब तक यदि आप अपने एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से नाराज़ होते थे, तो आपके पास केवल उसी कंपनी के भीतर दूसरे वितरक को चुनने का विकल्प था। लेकिन अब तेल कंपनी बदलने का विकल्प भी मिलने जा रहा है, यानी आप चाहें तो इंडेन से भारत गैस या एचपी गैस में अपना कनेक्शन बदल पाएंगे, ठीक वैसे ही जैसे मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी में होता है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने एलपीजी उपभोक्ताओं को यह स्वतंत्रता देने के लिए एलपीजी इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क का मसौदा तैयार किया है। इसके तहत उपभोक्ता बिना नया कनेक्शन लिए अपनी कंपनी और डिस्ट्रीब्यूटर दोनों बदल सकेंगे। बोर्ड ने इस प्रस्ताव पर मध्य अक्तूबर तक हितधारकों और उपभोक्ताओं से राय मांगी है।

पीएनजीआरबी का कहना है कि कई बार स्थानीय वितरकों को परिचालन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिससे उपभोक्ताओं के पास विकल्प बहुत सीमित हो जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को तेल कंपनी और डीलर दोनों चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।

गौरतलब है कि यूपीए सरकार ने अक्तूबर 2013 में 13 राज्यों के 24 जिलों में एलपीजी कनेक्शन की पोर्टेबिलिटी को लेकर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। जनवरी 2014 में इसे पूरे देश में लागू किया गया। उस समय उपभोक्ताओं को केवल डीलर बदलने का विकल्प दिया गया था, लेकिन वे तेल कंपनी नहीं बदल सकते थे। उदाहरण के लिए, यदि कोई ग्राहक इंडियन ऑयल कारपोरेशन से इंडेन गैस लेता था, तो वह केवल इंडेन के दूसरे डीलर को चुन सकता था। अब इस नई पहल से यह बाध्यता खत्म हो जाएगी और उपभोक्ता पूरी तरह से स्वतंत्र होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी। साथ ही उपभोक्ताओं को सिलेंडर वितरण में देरी या किसी भी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।