नवपंचम राजयोग 2026: मार्च में चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत, नौकरी-धन लाभ के प्रबल योग

5 मार्च 2026 को बनने वाले नवपंचम राजयोग से मिथुन, सिंह और मीन राशि वालों को धन लाभ, नई नौकरी और करियर में उन्नति के योग बन सकते हैं। जानें ज्योतिषीय प्रभाव।

नवपंचम राजयोग 2026: मार्च में चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत, नौकरी-धन लाभ के प्रबल योग

➤ 5 मार्च 2026 को सूर्य और गुरु 120 डिग्री पर
➤ नवपंचम राजयोग का शुभ संयोग
➤ करियर, निवेश और पद-प्रतिष्ठा में उछाल के संकेत

मार्च 2026 की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। 5 मार्च 2026 को रात 10 बजकर 41 मिनट पर ज्ञान के कारक गुरु और ग्रहों के राजा सूर्य एक-दूसरे से 120 डिग्री के कोण पर रहेंगे। इस स्थिति से नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इस योग को अत्यंत प्रभावशाली और शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इसके प्रभाव से कुछ राशियों को धन लाभ, करियर में उन्नति, पद-प्रतिष्ठा और भाग्य का साथ मिल सकता है।

आइए जानते हैं किन राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ—


मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह राजयोग भाग्योदय का संकेत दे रहा है।

  • धन लाभ और निवेश में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

  • कार्यक्षेत्र में आपकी योग्यता की सराहना होगी।

  • वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।

  • नई नौकरी या प्रमोशन के योग बन सकते हैं।

  • छात्रों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

  • लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के संकेत हैं।

  • आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।


सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय खुशियां लेकर आ सकता है।

  • नेतृत्व क्षमता में निखार आएगा।

  • समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

  • प्रभावशाली लोगों से मुलाकात लाभकारी साबित हो सकती है।

  • करियर और व्यापार में नई दिशा मिलेगी।

  • किसी महत्वपूर्ण योजना पर काम शुरू हो सकता है।

  • जमीन या कारोबार में किया गया निवेश लाभ दे सकता है।


मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक अवसर लेकर आ रहा है।

  • निवेश, व्यापार और नौकरी में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

  • रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं।

  • पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा।

  • मानसिक शांति बनी रहेगी।

  • भाग्य का साथ मिलने से कार्यों में सफलता मिलेगी।


ज्योतिषीय मान्यता

नवपंचम राजयोग को बुद्धि, भाग्य और प्रतिष्ठा से जुड़ा योग माना जाता है। सूर्य आत्मविश्वास और नेतृत्व का प्रतीक है, जबकि गुरु ज्ञान, विस्तार और समृद्धि के कारक हैं। जब ये दोनों अनुकूल कोण पर होते हैं तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है।