खालिस्तानी आतंकी पर NIA का एक्शन, पन्नू ने दिल्ली-हरियाणा को बताया खालिस्तान का हिस्सा
NIA ने SFJ चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू और संगठन के खिलाफ FIR दर्ज की। पन्नू ने PM मोदी को रोकने और खालिस्तान बनाने के लिए सिख सैनिकों को उकसाया और नक्शा जारी किया। पन्नू 2020 में आतंकी घोषित किया गया था।
➤ NIA ने SFJ चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू और संगठन पर UAPA व IPC के तहत FIR दर्ज की
➤ पन्नू ने प्रेस मीट में PM मोदी को रोकने और खालिस्तान बनाने को उकसाया, नक्शा जारी किया
➤ पन्नू को 2020 में आतंकी घोषित किया गया था, भारत में 104 मामले दर्ज हैं
हरियाणा, दिल्ली और पंजाब सहित भारत के कुछ हिस्सों में खालिस्तानी आतंकी संगठन SFJ और उसके चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम – UAPA तथा भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई पन्नू द्वारा पाकिस्तान में पत्रकारों से बात करने और भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के बाद की गई।
NIA के अनुसार, पन्नू ने 11 करोड़ रुपए इनाम का ऐलान करते हुए भारतीय सिख सैनिकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले पर तिरंगा फहराने से रोकने के लिए उकसाया। उन्होंने SFJ का नया नक्शा भी जारी किया जिसमें पंजाब के साथ दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को कथित खालिस्तान का हिस्सा दिखाया गया। पन्नू ने यह भी दावा किया कि भारत से लड़ने के लिए उसने शहीदों का ग्रुप बनाया है।
प्रेस मीट की जानकारी:
10 अगस्त 2025 को पन्नू ने पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में “मीट द प्रेस” कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अमेरिका के वाशिंगटन से जुड़कर पाकिस्तानी पत्रकारों से बात की। इस दौरान भारत के खिलाफ भड़काऊ प्रचार किया गया और देश की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती दी गई।
NIA की कार्रवाई:
वीडियो सामने आने के बाद केंद्र ने NIA को जांच सौंपी। जांच में पाया गया कि पन्नू ने भारत की सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता और सिख समुदाय में असंतोष फैलाने की कोशिश की। इसके आधार पर SFJ और पन्नू के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
पन्नू का आतंकी इतिहास:
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भारत सरकार ने पन्नू को 2020 में आतंकी घोषित किया था।
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भारत में उसके खिलाफ कुल 104 मामले दर्ज हैं, जिनमें 96 पुलिस और 8 NIA दर्ज मामले हैं।
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सबसे ज्यादा 55 मामले पंजाब, 13-13 मामले दिल्ली और हरियाणा में, बाकी मामले चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और असम में हैं।
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पन्नू पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, NSA को धमकी देने, खालिस्तान रेफरेंडम को बढ़ावा देने, रेलवे/हवाई अड्डों पर हमले की साजिश, देशद्रोह आदि के आरोप हैं।
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पन्नू अमेरिका और कनाडा में रहने के कारण भारत में लाना चुनौतीपूर्ण है।