प्रधानमंत्री मोदी ने INS विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई, बोले-विक्रांत ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में INS विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने पाकिस्तानी खतरे, माओवादी आतंक और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया तथा जवानों के समर्पण की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने INS विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई, बोले-विक्रांत ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी

प्रधानमंत्री मोदी ने INS विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई
वि‍चार साझा किए और नौसेनिकों की तपस्या की सराहना की
पाकिस्तान को ठोकर, माओवादी से आजादी और आत्मनिर्भर भारत पर जोर



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गोवा में INS विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई। वे रविवार को ही गोवा पहुंचे और नौसैनिकों से बातचीत करते हुए मिठाई खिलाई, गाना गाया और डिनर में शामिल हुए। यह दिवाली पीएम मोदी के लिए 12वीं बार है कि वे सीधे जवानों के बीच पहुंचे।

पीएम मोदी ने सोमवार सुबह नौसैनिकों के साथ भारत माता के नारे लगाए।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हमारा विक्रांत आज आत्मनिर्भर भारत और मेड इन इंडिया का प्रतीक है। इस जहाज ने पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ा दी और इसका नाम ही दुश्मन का चैन छीन ले। पीएम मोदी ने बताया कि भारतीय नौसेना, सेना और वायुसेना के अद्भुत समन्वय ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर किया।

पीएम मोदी ने सोमवार सुबह नौसैनिकों से साथ बातचीत की।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 2014 से पहले देश में माओवादी आतंक 125 जिलों में फैला था, लेकिन अब यह संख्या केवल 11 रह गई है और उनमें भी 3 जिलों में ही प्रभाव बचा है।

पीएम मोदी ने रविवार को INS विक्रांत से मिग 29 के उड़ान को देखा।

उन्होंने नौसैनिकों से साझा किया कि उनके समर्पण और तपस्या से उन्होंने बहुत कुछ सीखा और उनकी मेहनत का अनुभव किया।

नेवी के अफसरों के साथ INS विक्रांत के कामकाज को समझा और जानकारी।

रविवार को पीएम मोदी ने INS विक्रांत पर नेवी अफसरों से बातचीत की, मिग 29 की उड़ान देखी और 'बड़ा खाना' में शामिल हुए। इस सामूहिक भोजन ने सभी रैंक के अधिकारी और जवानों में एकता और सौहार्द की भावना को मजबूत किया। सोमवार सुबह उन्होंने नौसैनिकों को मिठाई खिलाई और उनके साथ देशभक्ति गीतों में ताल दिया।

बीते 11 सालों में पीएम मोदी दिवाली के मौके पर सबसे ज्यादा चार बार जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में जवानों के बीच पहुंचे। पिछले साल उन्होंने गुजरात के कच्छ में सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। इस बार INS विक्रांत पर उनका अनुभव नौसैनिकों के समर्पण और देशभक्ति की झलक दिखाने वाला रहा।