IPS पूरन कुमार के गनमैन को गिरफ्तार करने वाली टीम में थे ASI संदीप, SIT ने की थी पूछताछ
चंडीगढ़ में IPS वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के आठ दिन बाद रोहतक पुलिस के ASI संदीप लाठर ने खुद को गोली मार ली। परिवार FIR तक पोस्टमॉर्टम से इनकार पर अड़ा है। जांच में सामने आ रहा है कि दोनों सुसाइड केस एक-दूसरे से जुड़े हैं।
• पूरन कुमार सुसाइड केस से जुड़ा माना जा रहा है संदीप लाठर का सुसाइड
• परिवार ने FIR दर्ज होने तक शव का पोस्टमॉर्टम करने से किया इनकार
• CM नायब सैनी व भाजपा नेताओं के रोहतक पहुंचने की संभावना
चंडीगढ़ में सीनियर IPS वाई. पूरन कुमार की संदिग्ध मौत के बाद अब रोहतक पुलिस के साइबर सेल में कार्यरत ASI संदीप लाठर का सुसाइड, पूरे हरियाणा पुलिस महकमे के लिए गंभीर सवाल छोड़ गया है। पूरन कुमार सुसाइड केस के आठवें दिन ही संदीप लाठर ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर जान दी, जिससे यह पूरा मामला और गहराता दिख रहा है।
संदीप लाठर वही पुलिसकर्मी था जो पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार की गिरफ्तारी वाली टीम में शामिल था। सुशील कुमार पर रिश्वत मांगने का आरोप था और यह मामला ही बाद में पूरन कुमार के आत्महत्या नोट में उठाए गए आरोपों से जुड़ गया। अब चंडीगढ़ पुलिस की SIT इस पूरे प्रकरण की तहकीकात कर रही है और रोहतक पुलिस के सभी संबंधित अफसरों और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कारोबारी की शिकायत पर जिस तरह का केस दर्ज किया गया, उसके पीछे ठोस साक्ष्य क्या थे और क्या पूरन कुमार का नाम जानबूझकर उस केस में जोड़ा गया था। पिछले सप्ताह 11 अक्टूबर को SIT रोहतक आई थी, जहाँ उसने IG ऑफिस में कार्यरत कई कर्मचारियों से पूछताछ की थी, जिनमें रीडर श्याम सुंदर, ASI सुनील और संदीप लाठर शामिल थे।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद भी संदीप सामान्य रूप से ड्यूटी पर जा रहा था, लेकिन मंगलवार दोपहर लगभग एक बजे उसने गांव लाढोत के पास अपने मामा के खेतों में बने कोठड़े की छत पर जाकर खुद को गोली मार ली। इससे पहले उसने चार पेज का सुसाइड नोट और एक वीडियो रिकॉर्डिंग छोड़ी, जिसमें उसने IPS वाई. पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में रखकर घर ले गए और स्पष्ट कहा कि जब तक केस दर्ज नहीं होगा, पोस्टमॉर्टम नहीं कराया जाएगा। देर रात तक एएसपी प्रतीक अग्रवाल परिजनों को मनाने में जुटे रहे, पर कोई समाधान नहीं निकला।
गांव लाढोत में ASI संदीप का शव उसके मामा के घर रखा गया है, जहाँ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा के कुछ मंत्री पहुंच सकते हैं। पुलिस प्रशासन की नजरें इस घटना पर टिकी हैं, क्योंकि इसे लेकर स्थानीय स्तर पर भी आक्रोश बढ़ रहा है।
संदीप के परिवार के मुताबिक, 20 साल पहले छोटी दिवाली पर उसके पिता दयानंद की ट्रेन हादसे में मौत हुई थी, और अब संदीप ने भी छोटी दिवाली से चार दिन पहले आत्महत्या कर ली। ग्रामीण इसे दर्दनाक संयोग मान रहे हैं।
संदीप लाठर, तत्कालीन SP IPS नरेंद्र बिजारणिया के विश्वासपात्र माने जाते थे। उन्होंने जिले में कई चर्चित मामलों जैसे हिमानी मर्डर केस और कई इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई थी। बिजारणिया को हटाए जाने के बाद से ही संदीप भावुक और दबाव में बताया जा रहा था।
घटनास्थल पर मौजूद नौकर जैलदार ने पुलिस को बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर जब वह कोठे पर पहुँचा, तो संदीप खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद परिवार को सूचना दी गई। फिलहाल पुलिस ने वीडियो और सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।
पूरन कुमार केस की जांच के साथ अब संदीप की मौत ने पुलिस तंत्र में अंदरूनी हालात और दबाव की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और SIT दोनों ही फिलहाल इन दोनों सुसाइड केस को समानांतर रूप से जांच रहे हैं ताकि किसी भी सच्चाई को दबाया न जा सके।
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