अनोखे आंदोलनों से पहचान बनाने वाले गौतम ने AAP को कहा अलविदा—राजनीति में हलचल

सोनीपत में AAP को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रत्याशी देवेंद्र गौतम ने साजिश, झूठे आरोप और मानसिक आघात का आरोप लगाते हुए 9 दिसंबर 2025 को पार्टी से इस्तीफा दिया।

अनोखे आंदोलनों से पहचान बनाने वाले गौतम ने AAP को कहा अलविदा—राजनीति में हलचल
  • हरियाणा AAP को बड़ा झटका, देवेंद्र गौतम ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा

  • ‘साजिश’ और राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप, SC/ST एक्ट में फंसाने का दावा

  • 5 दिन की जेल और मानसिक आघात को बताया इस्तीफे का कारण


आंदोलन के अनोखे तरीके अपनाकर आप पार्टी को धार देने वाले मशहूर सोनीपत विधानसभा से पार्टी के पूर्व प्रत्याशी और वरिष्ठ स्थानीय नेता देवेंद्र गौतम ने आज आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी में चल रही आंतरिक राजनीति, साजिश और प्रतिशोध ने उन्हें गहरा आहत किया है। यह  हरियाणा में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। 

देवेंद्र गौतम ने अपने इस्तीफे पत्र में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार गुप्ता को संबोधित करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कुछ पार्टी नेताओं और एक विधायक द्वारा मिलकर साजिश रची गई, जिसके तहत उन्हें SC/ST एक्ट और अन्य धाराओं में झूठे आरोपों में फंसाया गया। उनका कहना है कि 30 नवंबर की घटना के बाद उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया ताकि उनकी राजनीतिक हत्या की जा सके और उनकी सामाजिक छवि धूमिल हो।

गौतम ने बताया कि इस मामले में उन्हें 5 दिन जेल में बिताने पड़े, जो उनके लिए गहरा मानसिक और सामाजिक आघात साबित हुआ। उन्होंने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद पार्टी संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं को उनके साथ खड़े होने से रोका गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी में उनके लिए अब कोई स्थान नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश नेतृत्व से कई बार संपर्क करने की कोशिश के बावजूद कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

देवेंद्र गौतम ने कहा कि 17 अगस्त 2021 से उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पार्टी के लिए काम किया, संगठन को जमीन पर मजबूत किया और हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दी। लेकिन जब संघर्ष की घड़ी आई, पार्टी ने सत्य के साथ खड़े होने के बजाय उन्हें अकेला छोड़ दिया

उन्होंने कहा कि स्वाभिमान, सत्य और सम्मान उनके लिए किसी भी संगठन से अधिक महत्वपूर्ण हैं, इसलिए वह 9 दिसंबर 2025 से AAP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे भी जनसेवा के मार्ग पर संघर्ष जारी रखेंगे, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ से दूर रहकर।