UG दाखिले का गोल्डन चांस, 19 सितम्बर तक खुला पोर्टल, हरियाणा कॉलेजों में आधी सीटें अब भी खाली
हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग ने स्नातक प्रथम वर्ष प्रवेश के लिए पोर्टल 19 सितंबर तक खोल दिया है। इस बार PG की 61% और UG की 49% सीटें खाली हैं। सरकार ने 101 नए कोर्स और 33 विषय शुरू किए, लेकिन दाखिले घटने से चिंता बढ़ी है।
➤ हरियाणा कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष प्रवेश हेतु पोर्टल 19 सितंबर तक खुला
➤ इस सत्र में PG की 61% और UG की 49% सीटें खाली
➤ सरकार ने 101 नए कोर्स और 33 विषय शुरू किए
हरियाणा में उच्चतर शिक्षा विभाग ने एक बार फिर कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष प्रवेश के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया है। यह निर्णय उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जो अब तक किसी कारणवश दाखिला नहीं ले पाए थे। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह पोर्टल 19 सितंबर तक खुला रहेगा और इस अवधि में छात्र ऑनलाइन पंजीकरण कर आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद विद्यार्थियों को संबंधित कॉलेज में जाकर मूल दस्तावेजों की जांच करवानी होगी। प्रवेश प्रक्रिया प्रतिदिन के आधार पर होगी, इसलिए आवेदन करने के तुरंत बाद कॉलेज से संपर्क करना अनिवार्य होगा।
सीटों की स्थिति चिंताजनक
आंकड़े बताते हैं कि इस सत्र में दाखिले का प्रतिशत पिछली बार की तुलना में काफी गिरा है।
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पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की 61% सीटें खाली रह गई हैं।
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अंडर ग्रेजुएट (UG) की 49% सीटें खाली हैं।
पिछले सत्र में जहां करीब 1.57 लाख विद्यार्थियों ने यूजी और पीजी कोर्स में दाखिला लिया था, वहीं इस बार केवल 1.39 लाख सीटें ही भर पाई हैं। इस स्थिति को लेकर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने 10 दिन पहले नाराजगी भी जताई थी।
सरकार की पहल
छात्र संख्या बढ़ाने के लिए इस सत्र में सरकार ने कई कदम उठाए।
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101 नए कोर्स और 33 नए विषय की शुरुआत की गई।
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इसके लिए उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ने सभी कॉलेज प्राचार्यों को पत्र जारी किया।
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निर्देश दिए गए कि यदि किसी विषय या कोर्स में छात्र संख्या 20 से कम रहती है, तो संबंधित विश्वविद्यालय की स्वीकृति से उस स्ट्रीम को बंद किया जा सकता है।
यह कदम सरकार की ओर से शिक्षा को अधिक आकर्षक बनाने का प्रयास है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अभी भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को नई शिक्षा नीति और रोजगारोन्मुखी कोर्स की जानकारी देने के लिए कॉलेजों को और अधिक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।