हरियाणा DGP का बड़ा आदेश: गैंगस्टर स्टाइल गाने वाले गवैयों को अपराधी की नजर से देखें

हरियाणा DGP ओपी सिंह ने गैंगस्टर-स्टाइल गाने बनाने वाले गायकों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें अपराधी की तरह कार्रवाई करने का आदेश दिया। अब तक 30 से अधिक गाने बैन।

हरियाणा DGP का बड़ा आदेश: गैंगस्टर स्टाइल गाने वाले गवैयों को अपराधी की नजर से देखें
  • हरियाणा DGP की चिट्‌ठी में गैंगस्टर-स्टाइल म्यूजिक प्रमोट करने वाले गायकों पर सीधा निशाना

  • निर्देश—ऐसे गवैयों को अपराधी की तरह देखें, पूरी इको-सिस्टम को ध्वस्त करें

  • अब तक 9 गायकों के 30+ गाने बैन; गन कल्चर पर पुलिस की बड़ी सख्ती


हरियाणा के DGP ओपी सिंह ने रविवार सुबह प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों को एक कड़ी चिट्‌ठी जारी की है। इस पत्र में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि हरियाणा में बढ़ते गैंग कल्चर, हथियारों की संस्कृति और गैंगस्टर-स्टाइल म्यूजिक को हर हाल में खत्म किया जाए। DGP ने ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब लक्ष्य केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि उनके पूरे ‘इको-सिस्टम’ को तोड़ना है।

चिट्‌ठी में DGP ने खास तौर पर उन गवैयों (गायकों) पर निशाना साधा है, जो म्यूजिक और वीडियो के जरिए युवाओं में गैंग जीवन-शैली, बदमाशी और हथियारों को महिमामंडित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकार youths को माता-पिता और शिक्षकों की सीख से भटकाकर अपराधी मानसिकता की तरफ ले जाते हैं, इसलिए उन्हें भी अपराधी की तरह देख कर कानूनन कार्रवाई की जाए।

हरियाणा DGP ओपी सिंह के द्वारा जारी किया गया पत्र।

उन्होंने लिखा कि यह काम कभी खत्म नहीं होगा, क्योंकि कट्‌टापंथी और रंगदार मुट्ठीभर लोग हैं और वे अक्सर भागते रहते हैं। लेकिन हमारे पास उन्हें नाथने की कानूनी ताकत, इच्छाशक्ति और पूरी क्षमता है। DGP ने कहा कि पुलिस ने 250 से अधिक अवैध हथियार और 300+ कारतूस बरामद कर कई गैंगस्टरों के “नाखून-दांत तोड़ दिए” हैं।

पत्र में DGP ने गुरु गुबिंद सिंह जी की वाणी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि “चिड़िया नाल बाज लड़ावां...” जैसी सोच अपनानी होगी, तभी समाज से गैंग कल्चर को जड़ से खत्म किया जा सकेगा।

हरियाणा में गन कल्चर वाले गानों पर पहले से ही कार्रवाई जारी है। अब तक 9 कलाकारों के 30 से अधिक गाने बैन किए जा चुके हैं। इनमें मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया, गजेंद्र फौगाट, सुमित पारता, हर्ष सिंधु, राज मावर, मनीषा शर्मा, अंकित बालियान, और कुलबीर दनौदा (केडी) शामिल हैं।

DGP ओपी सिंह पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने गुरुग्राम में कहा था कि पुलिस सभी गाड़ियों को नहीं पकड़ेगी, लेकिन थार और बुलेट चलाने वालों पर विशेष नजर रखेगी, क्योंकि अधिकांश बदमाश इन्हीं गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा था कि “थार सिर्फ गाड़ी नहीं, बल्कि एक स्टेटमेंट है।”

DGP ने यह भी कहा था कि कई पुलिसकर्मियों के बच्चे भी थार से स्टंट करते पकड़े गए हैं, लेकिन कानून सबके लिए समान है—“दादागिरी भी करें और बच भी जाएं, ऐसा नहीं चलेगा।

राज्यभर में अब गैंग कल्चर के खिलाफ सख्त मुहिम चल रही है और पुलिस इसे एक मिशन की तरह आगे बढ़ा रही है।