ऑपरेशन के बाद पूर्व सैनिक के पेट में छोड़ दिया सर्जिकल सामान, डॉक्टर-अस्पताल प्रबंधन पर FIR
बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में अपेंडिक्स ऑपरेशन के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। पूर्व सैनिक के पेट में सर्जिकल सामान छूटने के आरोप पर डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
➤ अपेंडिक्स ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
➤ सीटी स्कैन में पेट में सामान छूटने का आरोप
➤ डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज
झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर में एक निजी अस्पताल पर गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगा है। गांव बादली निवासी सेवानिवृत्त हवलदार सुरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया है कि अपेंडिक्स के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उनके पेट में सर्जिकल सामान छोड़ दिया, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। शिकायत के आधार पर थाना शहर बहादुरगढ़ पुलिस ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के अनुसार 24 जनवरी 2026 को पेट दर्द की शिकायत पर वह ईसीएचएस डिस्पेंसरी झज्जर पहुंचे थे। वहां से उन्हें आगे के उपचार के लिए रेफर किया गया। उसी दिन बहादुरगढ़ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद अपेंडिक्स की समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 27 जनवरी को ऑपरेशन किया गया और बाद में उन्हें वार्ड के कमरा नंबर 104 में शिफ्ट कर दिया गया।
सुरेन्द्र सिंह का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही। उन्होंने कई बार डॉक्टर और स्टाफ को परेशानी बताई, लेकिन उचित ध्यान नहीं दिया गया। 10 फरवरी को हालत गंभीर होने पर सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें कथित रूप से ऑपरेशन के दौरान पेट में कोई सामान छूट जाने की बात सामने आई। इसके बाद दोबारा ऑपरेशन की जरूरत बताई गई।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही से उनकी जान को खतरा उत्पन्न हुआ और परिवार को मानसिक आघात झेलना पड़ा। उन्होंने उपचार से संबंधित बिल और जांच रिपोर्टों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
थाना शहर बहादुरगढ़ में 10 फरवरी 2026 को अभियोग संख्या 34 के तहत धारा 125(ए), 125(बी) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan