फसलें खराब होने की एक ही फोटो कई बार कर दी लोड़, सीएम सैणी ने छह पटवारी किए सस्‍पेंड

हरियाणा में फसल नुकसान के फर्जी फोटो अपलोड करने पर सीएम नायब सैनी ने 6 पटवारियों को सस्पेंड किया। एक सप्ताह में किसानों को मुआवजा देने के आदेश दिए गए। जांच चल रही है।

फसलें खराब होने की एक ही फोटो कई बार कर दी लोड़, सीएम सैणी ने छह पटवारी किए सस्‍पेंड
  • फसल खराबे की फर्जी फोटो अपलोड करने पर 6 पटवारी सस्पेंड
  • सीएम नायब सैनी ने एक सप्ताह में मुआवजा देने का निर्देश
  • जांच में दोषी पाए जाने पर अन्य अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई

चंडीगढ़। हरियाणा में फसल नुकसान मुआवजा वितरण में हुई लापरवाही पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कड़ा रुख अपनाया है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबे की एक ही फोटो कई बार अपलोड करने की शिकायतों की पुष्टि होने पर आज 6 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल खराब होने के बाद किसानों को राहत राशि देने में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर वास्तविक पीड़ित किसानों को मुआवजा जारी किया जाए और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

मामले की जांच के निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि जांच में अगर कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी रिपोर्टिंग और गलत डेटा अपलोड कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

इन हल्कों के पटवारियों पर कार्रवाई
जिन पटवारियों को निलंबित किया गया है, उनमें जुई खुर्द (भिवानी), बोरीपुर (कुरुक्षेत्र), कालवन (जींद), जंडवाला (फतेहाबाद), पटौदी (गुरुग्राम) और निमली (दादरी) शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा हर पात्र किसान तक बिना भेदभाव सहायता पहुंचाने की है। जिन किसानों का वास्तविक नुकसान हुआ है, उन्हें तुरन्त लाभ दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर जहां नुकसान नहीं था, वहां भी गलत रिपोर्टिंग की गई।

मानसून के दौरान अत्यधिक वर्षा से फसल का नुकसान होने वाली रिपोर्टों में पारदर्शिता के लिए सीएम पहले ही निर्देश दे चुके थे। रिपोर्ट अपलोड करने और सत्यापन में देरी, तथा फर्जी फोटो अपलोड कर मुआवजा लेने की कोशिशों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी और इसी कारण यह सख्त कदम उठाया गया है।