LIVE पीएम मोदी: यह समय आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाने की तरफ है, वह सामान खरीदें जिसमें देश के लोगों का पसीना लगा हो
प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी सुधार और नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी लागू होने की घोषणा की। इससे व्यापार आसान और गरीब, मध्यमवर्ग और किसान बचत उत्सव का लाभ उठाएंगे।
➤ पीएम मोदी ने नवरात्रि की बधाई देते हुए स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर जोर दिया
➤ नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी लागू, जीएसटी दरों में कटौती से आम नागरिक, एमएसएमई और लघु उद्योगों को डबल फायदा
➤ पिछली 11 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए, न्यू मिडिल क्लास और मध्यम वर्ग को टैक्स राहत और बचत उत्सव का लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में नवरात्रि की बधाई देते हुए देशवासियों को स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत अभियान में भागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज हमारे रोजमर्रा के जीवन में विदेशी वस्तुएं घुल-मिल गई हैं। अब हमें देश में बने सामान को प्राथमिकता देनी होगी और हर घर तथा दुकान को स्वदेशी का प्रतीक बनाना होगा। पीएम ने जनता से अपील की कि गर्व से कहें, “मैं स्वदेशी खरीदता हूं और बेचता हूं,” ताकि देश की समृद्धि और उत्पादन क्षमता बढ़े।
मोदी ने कल 22 सितंबर से लागू होने वाले नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इससे जीएसटी में कटौती और नियमों की सरलता आएगी, जिससे एमएसएमई, लघु और कुटीर उद्योगों को काफी फायदा होगा। उनका कहना था कि इन उद्योगों की बिक्री बढ़ेगी और टैक्स कम देना पड़ेगा, यानी उन्हें डबल फायदा मिलेगा।
पीएम ने जीएसटी सुधार के ऐतिहासिक संदर्भ में बताया कि 2014 में भारत में लाखों कंपनियां अलग-अलग टैक्स के जाल में फंसी थीं। 2017 में जब जीएसटी लागू हुआ, तब शहर से शहर माल भेजना बहुत कठिन था। अब वन नेशन वन टैक्स का सपना साकार हुआ और रोजमर्रा की चीजें अब केवल 5% या 18% जीएसटी पर उपलब्ध होंगी, जिससे आम नागरिकों की खरीदारी सस्ती होगी।
उन्होंने पिछले 11 सालों में गरीबी पर विजय, 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर आना और न्यू मिडिल क्लास की उभरती भूमिका का जिक्र किया। इस साल सरकार ने 12 लाख रुपए तक की आय को टैक्स फ्री किया, जिससे मध्यम वर्ग और गरीबों को डबल बोनस मिला।
पीएम मोदी ने कहा कि देश की समृद्धि को स्वदेशी से शक्ति मिलेगी और सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे उत्पादन और निवेश को गति दें। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए एमएसएमई और लघु उद्योगों की भूमिका को अहम बताया।