ASI संदीप लाठर की पत्नी का आरोप, सरकार बचा रही आरोपी

ASI संदीप लाठर सुसाइड केस में पत्नी संतोष देवी ने सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। जमानत, कार्रवाई न होने और वादे पूरे न होने पर सवाल उठाए गए हैं।

ASI संदीप लाठर की पत्नी का आरोप, सरकार बचा रही आरोपी

• ASI संदीप लाठर की पत्नी संतोष देवी ने सरकार पर आरोपियों को बचाने का आरोप
• गनमैन सुशील कुमार को जमानत मिलने पर उठे गंभीर सवाल
• शहीद का दर्जा, नौकरी और कार्रवाई के वादे पूरे न होने का आरोप



रोहतक में ASI संदीप लाठर की पत्नी संतोष देवी ने रोते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संतोष देवी का कहना है कि सरकार इस मामले में ढिलाई बरत रही है और आरोपियों को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि IPS वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार को जमानत मिलना इस बात का स्पष्ट सबूत है कि मामले को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है।

संतोष देवी ने बताया कि उनके पति संदीप लाठर ने IPS वाई पूरन कुमार के सुसाइड के बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बावजूद पुलिस की तरफ से एफआईआर के अनुसार कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। एफआईआर में जिन लोगों के नाम दर्ज हैं, उनसे आज तक पूछताछ तक नहीं हुई। मुख्य आरोपी सुशील कुमार से भी कोई सवाल जवाब नहीं हुआ और उसे जमानत दे दी गई।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उनके पति ने प्रशासन के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी, लेकिन आज वही प्रशासन उनके परिवार की सुध तक नहीं ले रहा। संदीप लाठर घर में अकेले कमाने वाले थे। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पंचायत के दौरान संतोष देवी ने आरोप लगाया कि सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया। सरकार ने पक्की नौकरी देने, शहीद का दर्जा देने, बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी उठाने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की घोषणा की थी। लेकिन आज तक इनमें से कोई भी वादा जमीन पर नहीं उतरा।

संतोष देवी ने कहा कि संदीप ने मरने से पहले कभी कोई बात साझा नहीं की थी। उनके जाने के बाद सरकार यह भी नहीं सोच रही कि वह तीन बच्चों को अकेले कैसे पाल रही हैं। पंचायत के लोग प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकार कब मानेगी यह स्पष्ट नहीं है। उनकी सरकार से बस एक ही मांग है कि कुछ तो किया जाए।

उन्होंने बताया कि उनका परिवार बड़ा है। पांच ननदें हैं जिनके सामाजिक दायित्व अभी पूरे करने हैं। तीन बच्चों की पढ़ाई का खर्च है और बुजुर्ग सास अक्सर बीमार रहती हैं। पति की सैलरी भी पिछले दो महीनों से नहीं मिली है। सरकार एचकेआरएन में नौकरी देने की बात कर रही है, जिसे उन्होंने साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया है।

संतोष देवी ने आरोप लगाया कि सरकार ASI संदीप लाठर को शहीद का दर्जा देने से मुकर रही है। आज तक सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया और न ही किसी ने कोई ठोस आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने किए गए वायदों को पूरा करे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उनके साथ खेल करने की बजाय सही ढंग से काम करे। उन्हें पक्की नौकरी दी जाए ताकि वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें। एफआईआर को लेकर न तो एसपी से कोई बात हुई और न ही एसआईटी की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।

संतोष देवी ने बताया कि प्रशासन की तरफ से अभी तक आधिकारिक रूप से क्वार्टर खाली करवाने का नोटिस नहीं दिया गया है। लेकिन क्वार्टरों में रहने वाले अन्य पुलिसकर्मी बार-बार कहते हैं कि उन्हें क्वार्टर खाली करना पड़ेगा और किसी अन्य स्थान की व्यवस्था कर लें। कोई दो महीने तो कोई छह महीने की बात कह रहा है, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।