हरियाणा का यह शहर सबसे प्रदूषित, जानें, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने NHAI को जारी किया नोटिस

हरियाणा का बहादुरगढ़ शहर देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। 347 AQI के साथ हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनएचएआई को नोटिस जारी किया है।

हरियाणा  का यह शहर सबसे प्रदूषित, जानें, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने NHAI को जारी किया नोटिस
  • बहादुरगढ़ 347 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर बना

  • दिवाली के बाद से खतरनाक स्तर पर वायु प्रदूषण, आंखों व सांस की शिकायतों में बढ़ोतरी

  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनएचएआई को नोटिस जारी कर नियमित छिड़काव के निर्देश दिए


हरियाणा का औद्योगिक शहर बहादुरगढ़ अब देश का सबसे प्रदूषित शहर बन चुका है। मंगलवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 347 दर्ज किया गया, जो कि गंभीर श्रेणी में आता है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अक्टूबर के 28 दिनों में लोगों को सिर्फ पांच दिन ही साफ हवा नसीब हुई, जबकि बाकी समय बहादुरगढ़ रेड, ऑरेंज या यलो जोन में बना रहा।

पर्यावरण मॉनिटरिंग रिपोर्ट के मुताबिक, अक्तूबर में बहादुरगढ़ में 6 दिन यलो, 8 दिन ऑरेंज और 8 दिन रेड जोन में हवा दर्ज की गई। दिवाली के बाद से प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को एक्यूआई जहां 381 तक पहुंच गया था, वहीं मंगलवार को थोड़ी कमी आने के बाद भी यह 347 पर रहा, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

मंगलवार सुबह से शाम तक शहर स्मॉग की मोटी परत में लिपटा रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि छठ पर्व पर हुई आतिशबाजी और हवा की कम गति ने प्रदूषण के स्तर को और बढ़ा दिया। नागरिक अस्पताल में आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और थकावट जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ अमित दहिया ने बताया कि शहर में टैंकरों और एंटी स्मॉग गन से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है ताकि धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके। हालांकि फिलहाल प्रदूषण में कोई बड़ी राहत की संभावना नहीं दिख रही।

वहीं, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, बाईपास और सर्विस लेन पर उड़ने वाली धूल प्रदूषण का मुख्य कारण है। इस पर एनएचएआई को नोटिस जारी किया गया है और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन इलाकों में नियमित पानी का छिड़काव किया जाए। यदि निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वातावरण विशेषज्ञों के अनुसार, यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की ओर से ग्रैप-3 लागू किया जा सकता है, जिसके बाद औद्योगिक गतिविधियों और निर्माण कार्यों पर कड़ी पाबंदियां लगेंगी।