अकोला में BJP-AIMIM का चौंकाने वाला गठबंधन

महाराष्ट्र के अकोला जिले की अकोट नगर परिषद में BJP और AIMIM ने ‘अकोट विकास मंच’ बनाकर सत्ता हासिल की। वैचारिक विरोध के बावजूद बना यह गठबंधन राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।

अकोला में BJP-AIMIM का चौंकाने वाला गठबंधन

➤ महाराष्ट्र के अकोला जिले में BJP और AIMIM का अप्रत्याशित गठबंधन
➤ अकोट नगर परिषद में ‘अकोट विकास मंच’ बनाकर सत्ता पर कब्जा
➤ वैचारिक विरोध के बावजूद कुर्सी के लिए एकजुट हुए धुर विरोधी



अकोला। राजनीति में न स्थायी दोस्त होते हैं और न स्थायी दुश्मन, इस कथन को महाराष्ट्र के अकोला जिले की अकोट नगर परिषद ने एक बार फिर सच साबित कर दिया है। यहां भारतीय जनता पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने साथ आकर ऐसा गठबंधन बनाया है, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।

दरअसल, अकोट नगर परिषद चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 35 सदस्यीय परिषद में 33 सीटों पर चुनाव हुए। BJP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन बहुमत से दूर रह गई। सत्ता की राह आसान बनाने के लिए भाजपा ने ‘अकोट विकास मंच’ नाम से एक नया गठबंधन खड़ा किया, जिसे अकोला जिला प्रशासन के पास औपचारिक रूप से रजिस्टर भी कराया गया।

इस गठबंधन के जरिए भाजपा की माया धुले ने नगराध्यक्ष (मेयर) का पद तो हासिल कर लिया, लेकिन सदन में बहुमत जुटाने के लिए वैचारिक सीमाओं को पीछे छोड़ दिया गया। यही वजह है कि इस मंच में BJP और AIMIM जैसे धुर विरोधी दल एक ही छत के नीचे नजर आ रहे हैं।

अकोट विकास मंच में कुल 25 सदस्यों का समर्थन बताया जा रहा है, जो बहुमत के आंकड़े को पार करता है। इस गठबंधन में प्रहार जनशक्ति पक्ष, शिवसेना के दोनों गुट, और एनसीपी के दोनों धड़े भी शामिल हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जहां एक ओर भाजपा हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की राजनीति करती रही है, वहीं AIMIM खुद को मुस्लिम हितों की आवाज बताती है। मंचों से एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाली ये पार्टियां अब ‘विकास’ के नाम पर एक साथ खड़ी हैं। यही कारण है कि अकोट का यह गठबंधन राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है।