चंडीगढ़ कोर्ट ID का दुरुपयोग कर करोड़ों का फ्रॉड: CJM की शिकायत पर FIR, चालान निपटाए, पैसे गायब

चंडीगढ़ जिला अदालत की ID का गलत इस्तेमाल कर ऑनलाइन चालानों में फ्रॉड किया गया। कई चालान कोर्ट में पेश नहीं हुए, न ही रजिस्टर में एंट्री मिली। CJM की शिकायत पर सेक्टर 36 थाने में FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

चंडीगढ़ कोर्ट ID का दुरुपयोग कर करोड़ों का फ्रॉड: CJM की शिकायत पर FIR, चालान निपटाए, पैसे गायब

➤ चंडीगढ़ कोर्ट की ID से ऑनलाइन चालानों में फ्रॉड का खुलासा
➤ कोर्ट रजिस्टर में एंट्री नहीं, लाखों रुपए की ठगी की आशंका
➤ CJM की शिकायत पर FIR दर्ज, पुलिस जांच शुरू



चंडीगढ़। जिला अदालत की ऑफिशियल ID का गलत इस्तेमाल कर ऑनलाइन चालानों के निपटान में फ्रॉड करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस गड़बड़ी का खुलासा तब हुआ जब अदालत के रजिस्टर में कुछ चालानों की कोई एंट्री नहीं मिली, जबकि सिस्टम में वे ऑनलाइन डिस्पोज़ दिखाए जा रहे थे। मामले में लाखों रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब कोर्ट अधिकारियों ने नियमित ऑडिट के दौरान पाया कि कई चालान ऐसे हैं जिनका ऑनलाइन निपटारा दिखाया गया है, लेकिन उनकी भौतिक उपस्थिति कोर्ट में दर्ज नहीं है। जब इन मामलों की जांच की गई तो पता चला कि कोर्ट की ID का दुरुपयोग करते हुए इन चालानों को सिस्टम में “क्लियर” दिखा दिया गया। इससे चालान के पैसे तो जमा दिखाए गए, लेकिन वास्तव में रकम को किसी और ने हड़प लिया।

इस गंभीर गड़बड़ी की जानकारी चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) सचिन यादव को दी गई। उन्होंने मामले को गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी मानते हुए चंडीगढ़ पुलिस को जांच के निर्देश दिए। CJM की शिकायत पर सेक्टर-36 थाने में FIR दर्ज की गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह काम किसी ऐसे व्यक्ति ने किया जो कोर्ट के डिजिटल सिस्टम तक पहुंच रखता था। हालांकि अब तक किसी कर्मचारी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस ने साफ कहा है कि यदि किसी कर्मचारी पर शक हुआ तो पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

पुलिस ने अब चालानों की ऑनलाइन हिस्ट्री, लॉगिन डिटेल्स और सिस्टम एक्सेस रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में किन-किन चालानों का ऑनलाइन निपटान हुआ और उनमें से कितने संदिग्ध हैं। जांच एजेंसी अब आईटी सेल की मदद से IP एड्रेस और यूजर ट्रेसिंग कर रही है।

जानकारों का कहना है कि यह घटना न्यायिक व्यवस्था के डिजिटल सिस्टम में सुरक्षा खामियों की ओर इशारा करती है। अगर कोई कोर्ट ID का दुरुपयोग कर सकता है, तो भविष्य में इससे बड़े वित्तीय घोटाले भी संभव हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।