हरियाणा में दो फैक्ट्रियों पर सीएम फ्लाइंग की बड़ी छापेमारी, लाइसेंस खत्म, कागजात अधूरे
हिसार जिले के गांव गावड़ में सीएम फ्लाइंग टीम ने दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी की। अनियमितता मिलने पर फैक्ट्री संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जांच किसानों और ग्रामीणों की शिकायत पर हुई थी।
➤ हिसार में सीएम फ्लाइंग टीम की दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी
➤ अनियमितता मिलने पर फैक्ट्री संचालकों को कारण बताओ नोटिस
➤ शिकायतों और गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
हिसार जिले के गांव गावड़ के पास बुधवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ग्रामीणों, किसानों और ग्राम पंचायत से मिली शिकायतों तथा गुप्त सूचना के आधार पर की गई। टीम ने मौके पर फैक्ट्रियों में गंभीर अनियमितताएं पाईं, जिसके बाद दोनों फैक्ट्री संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के जवाब आने के बाद उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने किया। उनके साथ कृषि विभाग की गुणवत्ता नियंत्रक निरीक्षक डॉ. प्रियंका, विषय विशेषज्ञ महिपाल, स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता राहुल, एएसआई सुरेंद्र और एचसी विजय मौजूद रहे।
पहली छापेमारी श्री बालाजी फॉस्फेट एंड ऑर्गेनिक इंडस्ट्री पर हुई। फैक्ट्री संचालक संदीप गर्ग मौके पर मौजूद थे। जांच में पता चला कि फैक्ट्री का प्रदूषण नियंत्रण लाइसेंस (CTO) 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुका था, जबकि नवीनीकरण के लिए आवेदन 18 अगस्त 2025 को किया गया। इस पर स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अभियंता ने एयर एक्ट 1981 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया।
दूसरी कार्रवाई श्री कृष्ण सुदामा दानेदार जिप्सम फैक्ट्री पर हुई। यहां फैक्ट्री संचालक जांच के दौरान मौजूद नहीं मिले। टीम ने बार-बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन असफल रही। जिसके बाद कृषि विभाग की ओर से संचालक को कारण बताओ नोटिस थमाया गया।
छापेमारी के बाद सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना ने कहा कि सरकार फैक्ट्री संचालन को लेकर स्पष्ट नियम और दिशा-निर्देश बना चुकी है। सभी फैक्ट्री मालिकों को प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम पुख्ता रखने और समय पर कागजात पूरे करने होंगे। उन्होंने कहा कि खाद या जिप्सम में मिलावट पाए जाने पर किसी भी सूरत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। किसानों को शुद्ध खाद और जिप्सम उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है ताकि फसल की पैदावार पर कोई असर न पड़े।