दिल्ली ब्लास्ट केस NIA के हवाले, पुलवामा के डॉ. उमर का दोस्त गिरफ्तार, परिजन हिरासत में
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट की जांच अब NIA करेगी। पुलवामा के डॉक्टर उमर का दोस्त सज्जाद और परिवार हिरासत में। धमाके में 12 की मौत, 20 घायल। गृह मंत्रालय ने सौंपी जांच।
➤ दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच अब NIA के हवाले, गृह मंत्रालय ने दिए आदेश
➤ पुलवामा निवासी डॉ. उमर का दोस्त डॉ. सज्जाद गिरफ्तार, परिवार हिरासत में
➤ लाल किला धमाके में 12 की मौत, 20 घायल; अमोनियम नाइट्रेट से हुआ विस्फोट
नई दिल्ली। राजधानी के लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम हुए कार ब्लास्ट की जांच अब NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) को सौंप दी गई है। गृह मंत्रालय ने यह कदम घटना के लगभग 20 घंटे बाद उठाया। इस विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक घायल हैं। घायलों में दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।
ब्लास्ट 10 नवंबर शाम 6:52 बजे हुआ था। घटना के दौरान एक सफेद i20 कार का इस्तेमाल किया गया। CCTV फुटेज में दिखा कि काले मास्क में एक व्यक्ति कार में बैठा है, जिसकी पहचान डॉ. मोहम्मद उमर नबी के रूप में हुई। वह पुलवामा का रहने वाला था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया।
जांच में सामने आया कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का प्रयोग किया गया। विस्फोटक कार में करीब ढाई घंटे तक रखा रहा और उमर उस दौरान कार से बाहर नहीं निकला।
जैसे ही यह जानकारी मिली, कश्मीर पुलिस ने उमर की मां और दो भाइयों को हिरासत में लिया। अब उसके पिता और पुलवामा निवासी दोस्त डॉ. सज्जाद को भी गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि सज्जाद और उमर एक साथ अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम करते थे।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के तीन कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। फोरेंसिक टीम लगातार लाल किला और लाजपत राय मार्केट इलाके में सबूत जुटा रही है।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लगातार दूसरी हाई-लेवल बैठक की। बैठक में NIA, IB, दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एस.पी. वैद ने कहा कि डॉ. उमर संभवतः “सुसाइड अटैकर” बन गया था। उन्होंने आशंका जताई कि यह हमला जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल और ISI की साजिश का हिस्सा हो सकता है। वैद ने कहा कि “2014 के बाद ISI भारत में बड़ी वारदात नहीं कर पाई थी, इसलिए यह हमले उसी योजना का हिस्सा लगते हैं।”
ब्लास्ट में मारे गए लोगों में बिहार के समस्तीपुर निवासी 22 वर्षीय कैब ड्राइवर पंकज सहनी भी शामिल था। वह अपने रिश्तेदार को छोड़ने निकला था, तभी धमाके की चपेट में आ गया।
घटना के बाद NSG टीम और NIA अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच अपने हाथ में ली। फिलहाल दिल्ली पुलिस, NSG और NIA की संयुक्त टीम इस मामले की गहन जांच कर रही है।
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