“हिंदुओं, भारतीय सेना को पैसा दान करो, ताकि गोला-बारूद खरीदा जा सके और पाकिस्तान को उड़ाया जा सके”-धीरेंद्र शास्त्री

फरीदाबाद में बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का दूसरा दिन। बाबा बोले– हिंदू सेना को पैसा दान करो, जिससे पाकिस्तान को उड़ाने के लिए गोला-बारूद खरीदा जा सके।

“हिंदुओं, भारतीय सेना को पैसा दान करो, ताकि गोला-बारूद खरीदा जा सके और पाकिस्तान को उड़ाया जा सके”-धीरेंद्र शास्त्री
  • फरीदाबाद में धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का दूसरा दिन, कथावाचक अनिरुद्धाचार्य भी रहे साथ

  • धीरेंद्र शास्त्री बोले – “हिंदू सेना को दान दो, पाकिस्तान उड़ाने के काम आएगा”, युवाओं में उत्साह

  • क्रेन पर चढ़े भक्त, सुरक्षा घेरा तोड़कर पहुंचे युवक को शास्त्री ने बुलाया, कहा– “ऊपर हाईटेंशन तार है”


बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता पदयात्रा का रविवार (9 नवंबर) को हरियाणा में दूसरा दिन रहा। सुबह 8 बजे फरीदाबाद के दशहरा ग्राउंड से यात्रा का शुभारंभ हुआ, जहां कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज भी मौजूद रहे।

फरीदाबाद में दूसरे दिन धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा में लोगों की भीड़ उमड़ी। रास्ते में लोगों ने JCB पर चढ़कर यात्रा पर फूल बरसाए।

 यात्रा का उद्देश्य हिंदू एकता और सनातन संस्कृति की रक्षा बताया गया।

पदयात्रा में स्थानक के दौरान लोग कीर्तन कर नाचते गाते रहे।

शास्त्री ने भगवा ध्वज फहराकर यात्रा की शुरुआत की और कहा—“हिंदुओं, भारतीय सेना को पैसा दान करो, ताकि गोला-बारूद खरीदा जा सके और पाकिस्तान को उड़ाया जा सके। देश में क्रांति आने वाली है, धर्म विरोधी ताकतें देश को बर्बाद कर रही हैं।” उनके इस बयान पर सभा स्थल पर “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंज उठे।

पदयात्रा जब भोजन के लिए रुकी, तब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य और धीरेंद्र शास्त्री आपस में ठहाके लगाते नजर आए।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोग यात्रा में शामिल हुए। कई जगह लोगों ने छतों और JCB मशीनों से फूल बरसाए, जबकि कुछ युवक धीरेंद्र शास्त्री को देखने के लिए क्रेन पर चढ़ गए। शास्त्री ने माइक से कहा—“ऊपर हाईटेंशन तार है, नीचे उतर आओ, अपनी जान खतरे में मत डालो।

1 नंबर मार्केट रोड पर यात्रा में डीजे की धुन पर महिलाएं डांस करती दिखीं।

यात्रा में सुरक्षा घेरा तोड़कर एक युवक शास्त्री तक पहुंच गया। सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया, लेकिन शास्त्री ने खुद उसे बुलाकर आशीर्वाद दिया। युवक ने कहा कि वह “बाबा का भक्त” है और सिर्फ उनके चरण स्पर्श करने आया था।

यात्रा की शुरुआत में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भगवा ध्वज फहराया।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि फरीदाबाद बाबर की नहीं, गब्बर की धरती है। यह भूमि वीरों की है। उन्होंने कहा—

“हम हिंदुओं के लिए सड़क पर उतरे हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना और एकता दिखाना जरूरी है। महाराणा प्रताप, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, रानी लक्ष्मीबाई जैसे वीरों के नाम पर सड़कों और चौक के नाम होने चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि उनका मकसद जात-पात से मुक्त भारत बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति सनातनी है, और यह देश सनातनियों का देश है। धर्म सुरक्षित रहेगा तो देश भी बचेगा।

पदयात्रा का समापन आज रात सीकरी गांव के शगुन गार्डन में होगा, जहां रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है।