दिवाली 20 या 21? जानें क्या कह रहा है पंचांग
पंचांग गणना के अनुसार दिवाली 2025 इस बार 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी क्योंकि उस दिन कार्तिक अमावस्या‑प्रदोष का सम्पूर्ण शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेगा जबकि 21 अक्टूबर पर केवल 9 मिनट का मुहूर्त शेष होगा
➤ दिवाली 2025 की तारीख फाइनल: 20 अक्टूबर
➤ प्रदोष काल में पूरा शुभ मुहूर्त उपलब्ध — 20 अक्टूबर शाम 05:46 से निशीथ तक
➤ 21 अक्टूबर पर सिर्फ 9 मिनट का मुहूर्त — पंडितों की सलाह 20 को दिवाली मनाने की
दिवाली को लेकर इस बार जहाँ आम जनता और धार्मिक-संस्थाएँ उलझन में थीं, वहीं पंचांग गणना ने अब स्पष्टता दे दी है कि दिवाली 2025 का उल्लास 20 अक्टूबर को ही मनाया जाना चाहिए। पंचांग के अनुसार कार्तिक अमावस्या की तिथि 20 अक्टूबर दोपहर 03:44 बजे से आरंभ होकर पूरी रात बनी रहेगी, और उसी दिन सूर्यास्त का समय शाम 05:46 बजे दर्ज है जिसके बाद प्रदोष काल प्रारम्भ होगा — यही वह काल है जिसमें पारंपरिक रूप से लक्ष्मी पूजा, गणेश पूजन, दीपदान और कुबेर पूजा संपन्न की जाती हैं।
विशेषज्ञ पंडितों और ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पूजा‑समय का आधार अमावस्या‑प्रदोष के मेल पर तय होता है, और 20 अक्टूबर को यह मेल सम्पूर्ण रूप से मौजूद रहेगा इसलिए परिवार के संग सहजता से पूजा और आराधना की जा सकेगी। दूसरी ओर 21 अक्टूबर को अमावस्या‑तिथि शाम 05:54 बजे समाप्त हो जाएगी जबकि उस दिन सूर्यास्त 05:45 बजे है, जिससे प्रदोष‑काल में मात्र 9 मिनट का ही मुहूर्त शेष रहेगा — इतना सीमित समय पारंपरिक विधियों के अनुरूप समुचित पूजा के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा है।
निशीथ काल को भी इस बार 20 अक्टूबर की रात सबसे अनुकूल माना गया है और अनेक पंडितों ने कहा है कि इस दौरान मां लक्ष्मी, गणेश व कुबेर की संयुक्त पूजा करने से धन‑समृद्धि और सौभाग्य का विधान बनने की संभावना बढ़ती है। इस आधार पर धार्मिक पंडित और स्वीकृत पंचांगों ने 20 अक्टूबर 2025 (रविवार) को ही दिवाली मनाने की सलाह दी है ताकि परिवार के सभी सदस्य शांति से पूजा‑अर्चना कर सकें और परंपरागत रीति‑रिवाजों के अनुरूप समस्त अनुष्ठान सम्पन्न हो सकें
Author1