हरियाणा में बाहुबली इंद्रजीत के ठिकानों पर ED की रेड , मनी लॉन्ड्रिंग केस में 17 लाख कैश और 5 लग्जरी गाड़ियां जब्त
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बाहुबली इंद्रजीत सिंह यादव के दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक स्थित 10 ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, लग्जरी गाड़ियां और अहम दस्तावेज जब्त किए।
- बाहुबली इंद्रजीत सिंह यादव के 10 ठिकानों पर ED की एकसाथ छापेमारी
- 17 लाख रुपए नकद, 5 लग्जरी गाड़ियां और अहम डिजिटल सबूत जब्त
- दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच तेज
प्रवर्तन निदेशालय की गुरुग्राम जोनल टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बाहुबली इंद्रजीत सिंह यादव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में कुल 10 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी की। यह कार्रवाई इंद्रजीत सिंह यादव, उसके साथियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य संबंधित संस्थाओं के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई।
तलाशी और जब्ती अभियान के दौरान ईडी ने 17 लाख रुपए नकद, 5 लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और इंद्रजीत सिंह यादव व उसके नेटवर्क से जुड़ा अहम डिजिटल डेटा बरामद किया है। जांच एजेंसी के अनुसार ये सभी संपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग से अर्जित की गई हो सकती हैं।
ईडी ने यह जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू की है। इन मामलों में आर्म्स एक्ट, बीएनएस 2023 और आईपीसी की गंभीर धाराएं शामिल हैं। आरोप है कि इंद्रजीत सिंह यादव अवैध उगाही, जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों से धमकाने और आपराधिक गतिविधियों के जरिए मोटा कमीशन वसूलता था।
जांच में सामने आया है कि जेम्स रिकार्ड एंटरटेनमेंट, जो ‘Gems Tunes’ नाम से काम करती है, उसका मालिक और नियंत्रक इंद्रजीत सिंह यादव एक कुख्यात बाहुबली है। वह हत्या, धोखाधड़ी, ठगी, अवैध जमीन कब्जाने और हिंसक अपराधों में संलिप्त रहा है। फिलहाल वह हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांछित है और विदेश से, खासतौर पर यूएई से अपना नेटवर्क चला रहा है।
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ कॉर्पोरेट घराने प्राइवेट फाइनेंसरों से भारी मात्रा में नकद लोन लेते थे। बाद में इन लोन विवादों का जबरन सेटलमेंट इंद्रजीत सिंह यादव के जरिए कराया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में धमकी, डर और हथियारबंद गिरोहों का इस्तेमाल किया जाता था। बदले में उसे करोड़ों रुपए का कमीशन मिलता था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, अपराध से अर्जित इन पैसों का इस्तेमाल लग्जरी गाड़ियों, अचल संपत्तियों और आलीशान जीवनशैली पर किया गया। इतना ही नहीं, कई संपत्तियां परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गईं। ईडी को यह भी पता चला है कि लोन सेटलमेंट के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया था, जिससे अवैध गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था।
Akhil Mahajan