अल फलाह यूनिवर्सिटी में सुरक्षा चूक... DGP ने भी माना!
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में विस्फोटक मिलने को DGP ने सुरक्षा चूक बताया। गायब फैकल्टी की खोज तेज, धार्मिक संस्थानों की जांच और केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट करने के निर्देश दिए।
- फरीदाबाद यूनिवर्सिटी में विस्फोटक मिलने को DGP ने सुरक्षा चूक माना
- गायब फैकल्टी की खोज तेज; केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट जारी करने के निर्देश
- धार्मिक संस्थानों की जांच और कट्टरपंथ रोकने के सख्त आदेश
हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह यूनिवर्सिटी से मिले विस्फोटक और आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ को राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बड़ी सुरक्षा चूक माना है। उन्होंने मंगलवार को यूनिवर्सिटी का विस्तृत निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इतने खतरनाक तत्व यहां तक कैसे पहुंच गए।
फरीदाबाद के धौज स्थित यह विश्वविद्यालय बीते दिनों उस समय सुर्खियों में आया, जब पुलिस ने ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इसके बाद 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई, ने जांच को और संवेदनशील बना दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ डॉक्टर और फैकल्टी सदस्य इस मॉड्यूल से जुड़े मिले, जिसके बाद कई लोग घटना के बाद से लापता भी बताए जा रहे हैं।
डीजीपी ओपी सिंह ने यूनिवर्सिटी के अंदर करीब चार घंटे निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा टीम, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, छात्रों, आस-पास के गांव के लोगों और एक मौलवी के परिवार से भी बातचीत की ताकि घटना की वास्तविकता तक पहुंचा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठित अपराधियों का शैक्षणिक संस्थान को ठिकाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है। जांच का मुख्य फोकस यह रहेगा कि इन्हें इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक कैसे मिले और यूनिवर्सिटी के अंदर इनकी गतिविधियों की किसी को भनक क्यों नहीं लगी।
निरीक्षण के बाद डीजीपी ने डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि गायब फैकल्टी सदस्यों को तुरंत ढूंढा जाए और यदि आवश्यक हो तो अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीजीपी ने अधिकारियों को सभी धार्मिक संस्थानों का निरीक्षण करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी कट्टरपंथी तत्व युवाओं को गलत दिशा में न धकेल रहा हो। उन्होंने आदेश दिया कि यदि कोई धार्मिक संस्था नियम तोड़ रही है या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने छात्रों को लेकर भी चिंताएं दूर कीं। डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ है। छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है और उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के आदेश दिए।
डीजीपी ने कहा कि किसी भी आतंकी गतिविधि की सूचना पर तुरंत एक्शन लिया जाए। उन्होंने स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय रहने और संदिग्ध मूवमेंट पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए।
Author1