स्ट्रेस घटाएं फुट मसाज से: जानें घर पर करने के आसान टिप्स और डॉक्टर के 6 फायदे

फुट मसाज से दिनभर की थकान और तनाव कम किया जा सकता है। पैरों के प्रेशर पॉइंट्स पर हल्का दबाव डालने से नींद में सुधार, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ना और मानसिक शांति मिलती है।

स्ट्रेस घटाएं फुट मसाज से: जानें घर पर करने के आसान टिप्स और डॉक्टर के 6 फायदे

➤ दिनभर की थकान और तनाव कम करने में फुट मसाज असरदार उपाय
➤ पैरों में मौजूद प्रेशर पॉइंट्स से ब्लड सर्कुलेशन और रिलैक्सिंग हार्मोन बढ़ते हैं
➤ रात को सोने से पहले या सुबह हल्की मसाज से नींद, तनाव और मांसपेशियों की जकड़न में सुधार

आज के तेज़-तर्रार जीवन में ऑफिस का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और लगातार मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर ध्यान देने की आदत से शरीर और दिमाग पर भारी असर पड़ता है। इससे थकान और मानसिक तनाव बढ़ जाता है। इस स्थिति में फुट मसाज, यानी पैरों की मालिश, एक आसान और प्रभावी तरीका साबित हो सकता है।

पैरों में कई महत्वपूर्ण प्रेशर पॉइंट्स होते हैं जो सीधे दिमाग, दिल, किडनी, फेफड़े और रीढ़ की नसों से जुड़े होते हैं। हल्के दबाव से इन बिंदुओं की मालिश करने पर नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है। इससे शरीर में रिलैक्सिंग हार्मोन जैसे एंडोर्फिन और सेरोटोनिन रिलीज होते हैं, जो तनाव घटाने और मानसिक शांति देने में मदद करते हैं।

अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन के अनुसार, रात को सोने से पहले 10–15 मिनट की हल्की फुट मसाज नींद की क्वालिटी सुधारती है। इससे पैर गर्म होते हैं, नसों की एंडिंग्स शांत होती हैं और शरीर ‘रिस्ट मोड’ में चला जाता है। यही नहीं, सुबह हल्की मसाज से शरीर सक्रिय रहता है और दिनभर एनर्जी बनी रहती है।

फुट मसाज के कई तरीके हैं, जिन्हें बिना किसी विशेष ट्रेनिंग के घर पर अपनाया जा सकता है। यह विधि 10 साल के बच्चों से लेकर 80 साल के बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद है। हालांकि चोट या बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है। नियमित रूप से 10–15 मिनट की यह आदत तनाव घटाने के साथ शॉर्ट मेडिटेशन का अनुभव भी कराती है।

इसके अलावा, घरेलू उपाय जैसे हल्के तेल या क्रीम का इस्तेमाल, उंगलियों से गोलाकार हल्के मसाज और एंकल से पैर की दिशा में दबाव देना सरल और असरदार तरीका है। इससे न केवल तनाव और थकान कम होती है, बल्कि मांसपेशियों की जकड़न दूर होती है, नींद में सुधार आता है और समग्र स्वास्थ्य बेहतर होता है।