दिवाली के बाद सोने की कीमतों में गिरावट के संकेत
दिवाली के बाद सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिजिकल डिमांड घटने और डॉलर इंडेक्स में कमजोरी से बाजार में करेक्शन संभव है।
➤ दिवाली के बाद सोने की कीमतों में गिरावट के संकेत, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
➤ एक्सपर्ट्स का अनुमान — फिजिकल डिमांड घटेगी, बाजार में करेक्शन संभव
➤ कमजोर डॉलर, भू-राजनीतिक स्थिरता और ब्याज दरों की उम्मीदें कीमतें नीचे ला सकती हैं
नई दिल्ली। दिवाली और धनतेरस के मौके पर सोने की जोरदार खरीदारी के बाद अब बाजार में इसके भाव ठहरने और गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से सोने की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई थी, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि दिवाली के बाद सोने के दाम नीचे आ सकते हैं।
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने बताया कि दिवाली के बाद फिजिकल डिमांड में कमी आएगी। मौजूदा कीमतों में पहले ही बाजार ने बुनियादी फैक्टर्स को शामिल कर लिया है। इसलिए आने वाले दिनों में कीमतों में हल्की गिरावट देखी जा सकती है।
SS WealthStreet की फाउंडर सुगंधा सचदेवा के अनुसार, सोने की कीमतें अब ओवरबॉट जोन में जा रही हैं। ऐसे में शॉर्ट टर्म करेक्शन संभव है। उन्होंने निवेशकों को चेताया कि कुछ समय के लिए बाजार में सुस्ती या गिरावट आ सकती है, लेकिन यह निवेश का मौका भी हो सकता है।
उनके मुताबिक, थोड़े समय के विराम के बाद सोने की कीमतें फिर से ₹1,45,000 से ₹1,50,000 प्रति 10 ग्राम या लगभग $4,770 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं।
कीमतें गिरने की वजहें
1️⃣ डॉलर इंडेक्स इस साल अब तक 9% से ज्यादा गिर चुका है। कमजोर अमेरिकी डॉलर सोने की कीमतों पर दबाव डाल सकता है, क्योंकि सोने की वैल्यू डॉलर में तय होती है।
2️⃣ भू-राजनीतिक तनाव में कमी, जैसे रूस-यूक्रेन और इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम की उम्मीदें, सोने की मांग घटा सकती हैं।
3️⃣ अगर अमेरिका में शटडाउन खत्म होता है या चीन के साथ ट्रेड टेंशन कम होती है, तो “सेफ इन्वेस्टमेंट” के रूप में सोने की मांग कम हो सकती है।
4️⃣ वहीं, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर में कटौती की संभावनाएं और वैश्विक आर्थिक संकेतक भी आने वाले दिनों में कीमतों को प्रभावित करेंगे।
फिलहाल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे लॉन्ग टर्म निवेश के लिए गिरावट का इंतजार करें, क्योंकि सोना अभी भी सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है।
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