कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से खारिज
हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष के वॉकआउट के बाद सर्वसम्मति से खारिज हो गया। CM नायब सैनी के भाषण से सदन में हंगामा देखने को मिला।
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कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से खारिज
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CM नायब सैनी के लंबे भाषण से विपक्ष असहज
हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुआई वाली भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया। कांग्रेस विधायकों के वॉकआउट के बाद प्रस्ताव को वोटिंग के लिए रखा गया, जहां विपक्ष की गैरमौजूदगी में इसे अस्वीकृत घोषित कर दिया गया। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने प्रस्ताव खारिज होने की घोषणा की और सदन को सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
इससे पहले अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में लंबी बहस हुई। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने करीब डेढ़ घंटे तक भाषण दिया। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव को पढ़कर उन्हें हैरानी हुई है और यह जल्दबाजी में लाया गया प्रतीत होता है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर अपने ही वरिष्ठ नेता रघुवीर कादियान को बलि का बकरा बनाने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा कांग्रेस पर पर्ची-खर्ची की राजनीति का आरोप लगाती है, जबकि भाजपा शासनकाल में विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर पर्ची-खर्ची के जरिए लगाए गए।
शून्यकाल के बाद वंदे मातरम् पर चर्चा शुरू हुई। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वंदे मातरम् सभी के लिए वंदनीय है और इस पर चर्चा जरूरी है, ताकि युवाओं को इतिहास की जानकारी मिल सके। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख किया, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए। हंगामे के चलते स्पीकर ने कांग्रेस के नौ विधायकों को नियमों के उल्लंघन पर नेम करते हुए सदन से बाहर जाने के आदेश दिए। मार्शलों के हस्तक्षेप के दौरान विधायकों और मार्शलों के बीच हाथापाई की स्थिति भी बनी। बाद में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की अपील पर स्पीकर ने विधायकों को सदन में वापस बुलाया।
वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सरकार से सवाल किया, जिस पर मंत्री अनिल विज ने आपत्ति जताई। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। स्पीकर ने सभी सदस्यों से वंदे मातरम् की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष के हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक शेर पढ़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर कटाक्ष किया, जिसके बाद सदन में फिर हंगामा हुआ।
इससे पहले कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने परिवार पहचान पत्र और राशन कार्ड कटने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार पर वोट चोरी के आरोप लगाए। मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के फैसले से हताश हो चुकी है और इसी वजह से ऐसे आरोप लगा रही है।
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