BJP विधायक ओर महामंत्री में तीखी जुबानी जंग, एक दूसरे पर फूटा गुस्सा , तू -तू मैं -मैं और ऑडियो वायरल
पलवल में भाजपा विधायक हरेंद्र रामरतन और जिला महामंत्री के बीच फोन पर विवाद का ऑडियो वायरल, कार्यक्रम सूचना को लेकर पार्टी के अंदर अनुशासन और गुटबाजी पर सवाल।
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BJP विधायक हरेंद्र रामरतन का जिला महामंत्री पर फोन पर फूटा गुस्सा
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कार्यक्रम की जानकारी न देने पर जिलाध्यक्ष को भी अपशब्द, ऑडियो वायरल
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पार्टी के अंदर अनुशासन और गुटबाजी पर उठे सवाल
हरियाणा के पलवल जिले में भारतीय जनता पार्टी के अंदरूनी कलह का एक तीखा मामला सामने आया है। होडल से भाजपा विधायक हरेंद्र रामरतन ने जिला महामंत्री जयराम प्रजापति को फोन पर जमकर लताड़ लगाई। इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
विधायक का गुस्सा इसलिए फूटा क्योंकि 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर होडल में आयोजित सुशासन दिवस कार्यक्रम की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई। कार्यक्रम से ठीक पहले जिला महामंत्री ने विधायक को फोन कर सूचना दी, जिससे विधायक आगबबूला हो गए।
वायरल ऑडियो में विधायक जिला महामंत्री और जिलाध्यक्ष पर गंभीर शब्दों का प्रयोग करते सुनाई दे रहे हैं। विधायक का कहना है कि बिना उनकी सहमति उनके विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम कैसे रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टर और सोशल मीडिया पोस्ट में उनका नाम तक शामिल नहीं किया गया।
बातचीत में विधायक यह कहते हुए भी सुने गए कि वे पिछले 11 वर्षों से पार्टी को खींच रहे हैं, जबकि जिलाध्यक्ष हाल ही में बनाए गए हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि उन्हें सम्मान के साथ आमंत्रित नहीं किया गया तो वे ऐसे किसी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
ऑडियो वायरल होने के बाद विधायक हरेंद्र रामरतन ने दावा किया कि कॉल को गलत तरीके से रिकॉर्ड कर वायरल किया गया है। उन्होंने जिला महामंत्री को नोटिस देने और कानूनी कार्रवाई की बात कही है। विधायक का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि की प्राइवेसी का उल्लंघन किया गया है।
वहीं, इस पूरे मामले पर भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला और जिला महामंत्री जयराम प्रजापति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फोन और मैसेज का भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले ही केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पलवल में एक बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। ऐसे में लगातार सामने आ रहे विवाद भाजपा संगठन के भीतर तालमेल और अनुशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यह मामला केवल कार्यक्रम की सूचना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गुटबाजी भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है।
Akhil Mahajan