कोर्ट में आज पत्‍नी अमनीत देंगी जवाब, आईपीएस का परिवार पोस्‍टमार्टम के लिए राजी! चंडीगढ़ पीजीआई पहुंचे अधिकारी

हरियाणा के सीनियर IPS वाई. पूरन कुमार सुसाइड केस में उनकी IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार ने पोस्टमॉर्टम के लिए सहमति दे दी है। कमेटी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और सरकार ने DGP को छुट्टी पर भेज दिया है।

कोर्ट में आज  पत्‍नी अमनीत देंगी जवाब, आईपीएस का परिवार पोस्‍टमार्टम के लिए राजी! चंडीगढ़ पीजीआई पहुंचे अधिकारी

IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार ने पोस्टमॉर्टम की दी सहमति
51 मेंबरी कमेटी ने जांच चंडीगढ़ पुलिस को सौंपी जाने की रखी मांग
हरियाणा सरकार ने DGP को छुट्टी पर भेजा, SP पहले ही हटाए जा चुके



IAS अमनीत पी. कुमार ने प्रेस नोट जारी कर पोस्टमॉर्टम पर दी सहमति
न्याय के व्यापक हित और पारदर्शिता के लिए की प्रक्रिया की मांग
मीडिया से अपील — जांच पूरी होने तक सार्वजनिक बयान नहीं दिया जाएगा


हरियाणा के सीनियर IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सुसाइड केस में आज बड़ा अपडेट सामने आया है। उनकी IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए औपचारिक सहमति दे दी है। उन्होंने यह निर्णय यूटी पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच के आश्वासन और हरियाणा सरकार द्वारा दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई के वादे के बाद लिया है।

अमनीत ने कहा कि समय पर पोस्टमॉर्टम के साक्ष्यगत महत्व और न्याय के व्यापक हित को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमॉर्टम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा किया जाएगा, जिसमें एक बैलिस्टिक विशेषज्ञ की उपस्थिति, एक मजिस्ट्रेट की देखरेख, और पूरी वीडियोग्राफी के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और पुलिस अधिकारियों पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि जांच पेशेवर, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी ताकि कानून के अनुसार सच्चाई सामने आ सके।

अमनीत ने यह भी कहा कि वह जांच दल के साथ पूरा सहयोग करेंगी ताकि प्रक्रिया में तेजी आए और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि मामले की संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए कोई भी अटकल न लगाई जाए और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, वे कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगी।

आईएएस अमनीत पी. कुमार का यह बयान केस में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले परिवार पोस्टमॉर्टम के लिए सहमत नहीं था। अब चंडीगढ़ पुलिस द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड आज पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करेगा। यह कदम न केवल जांच को आगे बढ़ाएगा बल्कि परिवार और प्रशासन के बीच भरोसे का संकेत भी माना जा रहा है।

हरियाणा के सीनियर IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सुसाइड केस का आज नौवां दिन है। इस बीच उनकी IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार ने आखिरकार पोस्टमॉर्टम के लिए सहमति दे दी है। वह चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर के साथ PGI चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गई हैं। आज ही मेडिकल बोर्ड द्वारा वाई. पूरन कुमार का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

51 मेंबरी कमेटी, जिसने इस पूरे मामले में न्याय के लिए आंदोलन शुरू किया था, ने पोस्टमॉर्टम का फैसला परिवार पर छोड़ा था। कमेटी के अध्यक्ष प्रो. जयनारायण ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक—हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजना—सरकार ने मान ली है। वहीं रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया को पहले ही हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी ओर से कदम उठा लिया है, अब जरूरत है कि चंडीगढ़ पुलिस निष्पक्ष जांच करे।

कमेटी आज चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करेगी और जांच को कानूनी तौर पर आगे बढ़ाने के लिए ज्ञापन सौंपेगी। इसी के साथ, अमनीत पी. कुमार को आज शव की शिनाख्त और पोस्टमॉर्टम से संबंधित जवाब देने के लिए चंडीगढ़ कोर्ट में उपस्थित होना है। इससे पहले मंगलवार को चंडीगढ़ पुलिस ने कोर्ट में एप्लिकेशन लगाई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यदि परिवार की ओर से जवाब नहीं आता तो आगे का निर्णय लिया जाएगा।

पूरन कुमार के सुसाइड केस से जुड़े घटनाक्रम लगातार नौ दिनों से सुर्खियों में हैं। 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ सेक्टर-11 स्थित घर में वाई. पूरन कुमार ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह उस समय रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) में IG के पद पर तैनात थे। मौके से 8 पन्नों का सुसाइड नोट और 1 पेज की वसीयत बरामद हुई, जिसमें उन्होंने हरियाणा के DGP, रोहतक SP और अन्य 15 अधिकारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

घटना से एक दिन पहले पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, उसने स्वीकार किया था कि उसने यह काम पूरन कुमार के कहने पर किया। हालांकि पूरन कुमार को इस सिलसिले में कोई नोटिस जारी नहीं किया गया था।

8 अक्टूबर को जापान से लौटी उनकी पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की और चंडीगढ़ पुलिस स्टेशन सेक्टर-11 में DGP और SP के खिलाफ जातिगत भेदभाव व उत्पीड़न की शिकायत दी। इसके बाद 9 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई जिसमें BNS की धारा 108, 3(5) और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) लगाई गई।

10 अक्टूबर को चंडीगढ़ पुलिस ने IG पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व में SIT गठित की। टीम में SSP कंवरदीप कौर, DSP चरणजीत सिंह विर्क, SP सिटी केएम प्रियंका, SDPO गुरजीत कौर और SHO जयवीर सिंह राणा शामिल हैं।

11 अक्टूबर को पूरन कुमार की डेडबॉडी PGI शिफ्ट की गई, जिस पर परिवार ने आपत्ति जताई। DGP सागर प्रीत हुड्डा ने हस्तक्षेप कर कहा कि बिना परिवार की सहमति पोस्टमॉर्टम नहीं होगा। इसी दौरान परिवार ने 31 मेंबरी कमेटी बनाकर 12 अक्टूबर को गुरु रविदास गुरुद्वारे, सेक्टर 20, चंडीगढ़ में महापंचायत बुलाने का ऐलान किया।

चंडीगढ़ के सेक्टर 20 में 12 अक्टूबर को महापंचायत हुई थी। यहां कमेटी ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

महापंचायत में सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया कि DGP को हटाया जाए और SP को गिरफ्तार किया जाए, अन्यथा प्रदर्शन उग्र किया जाएगा। इसके बाद 14 अक्टूबर को DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजा गया और ओपी सिंह को कार्यवाहक DGP बनाया गया।

इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी परिवार से मुलाकात की और जांच की मांग का समर्थन किया। अब जब अमनीत पी. कुमार ने पोस्टमॉर्टम की अनुमति दे दी है, तो माना जा रहा है कि मामले की जांच की दिशा तेजी से आगे बढ़ेगी।