हरियाणा में शुरू हुआ पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम, जनता को मिलेगी बड़ी राहत

हरियाणा में अब जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री पूरी तरह पेपरलेस होगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुरुक्षेत्र से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की। अब खरीदार-विक्रेता ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और सिर्फ फोटो-बायोमेट्रिक के लिए तहसील जाना होगा।

हरियाणा में शुरू हुआ पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम, जनता को मिलेगी बड़ी राहत

हरियाणा तहसीलों में पेपरलेस रजिस्ट्री लागू
ऑनलाइन आवेदन, अपॉइंटमेंट और वेरिफिकेशन
सिर्फ एक बार तहसील जाना होगा फोटो व बायोमेट्रिक के लिए


हरियाणा में अब पेपरलेस वर्क की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया गया है। सोमवार से राज्य की सभी तहसीलों में जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले की बाबैन तहसील से इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ करते हुए इसे जनता को समर्पित किया।

नई प्रक्रिया के तहत खरीदार और विक्रेता अब Jamabandi.com.inc पोर्टल पर जाकर अपनी सुविधानुसार 24x7 आवेदन कर सकेंगे और अपॉइंटमेंट ले पाएंगे। पहले लोगों को बार-बार तहसील जाना पड़ता था, लेकिन अब केवल डीड के दिन ही फोटो और बायोमेट्रिक के लिए तहसील जाना आवश्यक होगा। इसके बाद PDF स्वरूप में डीड सीधे मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी।

इस प्रोजेक्ट के साथ ही सीमांकन पोर्टल, वॉट्सऐप चैटबॉट और राजस्व न्यायालय मामला प्रबंधन प्रणाली भी लागू की गई है। इससे लोगों को रजिस्ट्री से जुड़े विवादों, सीमांकन संबंधी शिकायतों और राजस्व न्यायालयों के मामलों की स्थिति जानने में आसानी होगी।

अधिकारियों ने बताया कि पुरानी प्रक्रिया में खरीदार और विक्रेता डॉक्यूमेंट लेकर तहसील पहुँचते थे और वहीं जांच के बाद स्टाम्प शुल्क जमा करते थे। अपॉइंटमेंट पर नहीं पहुँचने पर बार-बार नई तारीख लेनी पड़ती थी। इसी कारण करीब 30% मामलों में रजिस्ट्री अटक जाती थी

अब नई प्रणाली में खरीदार या विक्रेता पोर्टल पर लॉगिन करके टेम्पलेट आधारित डीड भरेंगे और संबंधित डॉक्यूमेंट अपलोड करेंगे। तहसीलदार वर्किंग-डे में डॉक्यूमेंट की जांच करेंगे। अगर आपत्ति हुई तो संदेश (SMS) से सूचना दी जाएगी। आपत्ति न होने पर निर्धारित अपॉइंटमेंट पर खरीदार और विक्रेता केवल फोटो और बायोमेट्रिक देने जाएंगे। इसके बाद पूरी डीड डिजिटल फॉर्म में जारी हो जाएगी।

डीसी विश्राम कुमार मीणा और डीआरओ चेतना चौधरी ने बताया कि यह व्यवस्था जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त को तेज़, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। हालांकि गवाह और नंबरदार की भूमिका अभी भी पूर्ववत बनी रहेगी।