हरियाणा में एक अफसर की निगरानी में 50 किसान, पराली जलाने पर रोक, 19- सूत्री प्लान से किसान होंगे ट्रैक

हरियाणा सरकार ने पराली जलाने पर रोक के लिए 19 सूत्री मेगा प्लान तैयार किया है। छोटे और सीमांत किसानों को CRM मशीन किराया मुक्त, नोडल अधिकारी और पराली सुरक्षा बल नियुक्त। 2030 तक पराली जलाने से मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य।

हरियाणा में एक अफसर की निगरानी में 50 किसान, पराली जलाने पर रोक,  19- सूत्री प्लान से किसान होंगे ट्रैक

➤ हरियाणा में पराली जलाने पर रोक, सरकार ने 19 सूत्री मेगा प्लान तैयार किया
➤ छोटे व सीमांत किसानों को CRM मशीन किराया मुक्त, नोडल अधिकारी और पराली सुरक्षा बल होंगे नियुक्त
➤ 2030 तक पराली जलाने से मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य, 200 करोड़ रुपए की सब्सिडी योजना


हरियाणा सरकार ने धान की कटाई के बाद पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है। यह योजना वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा पराली जलाने पर रोक लगाने के निर्देशों के अनुसार बनाई गई है। इस 19-सूत्री योजना के तहत राज्य के हर गांव के खेत का नक्शा तैयार किया जाएगा और 50 से अधिक किसानों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।

हरियाणा पिछले नौ वर्षों में पंजाब को पीछे छोड़ते हुए पराली जलाने की 90 प्रतिशत घटनाओं को समाप्त कर चुका है। प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar

पुरानी फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) मशीनों को हटा कर छोटे और सीमांत किसानों के लिए इन्हें किराया मुक्त उपलब्ध कराया जाएगा। सीएक्यूएम की ओर से पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी, निरीक्षण और सुरक्षा के लिए पुलिस, कृषि और नगर निगम अधिकारियों की भागीदारी से एक पराली सुरक्षा बल गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हरियाणा पिछले नौ वर्षों में पराली जलाने की घटनाओं को 90 प्रतिशत तक कम करने में सफल रहा है। राज्य ने पिछले वर्ष आक्रामक कार्यक्रम शुरू किए और 2023 की तुलना में 2024 में पराली जलाने की घटनाओं में 39 प्रतिशत की कमी दर्ज की। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि मानसिकता में बदलाव आया है और किसान अब समाधान की तलाश में सरकार के पास आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि पराली जलाना एक बड़ा पर्यावरणीय संकट है। राज्य सरकार ने 2025 के लिए लगभग 200 करोड़ रुपए की सब्सिडी योजना तैयार की है, ताकि फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की खरीद सुनिश्चित की जा सके। इसका उद्देश्य है कि 2030 तक हरियाणा पराली जलाने से मुक्त राज्य बन जाए।