हरियाणा में ठंड की दस्तक, दिन का तापमान 4 डिग्री गिरा

हरियाणा में ठंड की दस्तक के साथ वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। भिवानी में AQI 406 दर्ज, जबकि सोनीपत, फतेहाबाद और बल्लभगढ़ भी रेड जोन में। 2 नवंबर तक रहेगा शुष्क मौसम।

हरियाणा में ठंड की दस्तक, दिन का तापमान 4 डिग्री गिरा


➤ हरियाणा में दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट, ठंड ने दस्तक दी
भिवानी, सोनीपत, फतेहाबाद और बल्लभगढ़ में प्रदूषण स्तर खतरनाक, AQI 400 पार
2 नवंबर तक रहेगा शुष्क मौसम, ठंडी हवाओं से बढ़ेगी सर्दी


विस्तृत खबर

हरियाणा में मौसम अब तेजी से करवट ले रहा है। दिन में भी अब हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। पिछले एक सप्ताह में दिन का अधिकतम तापमान 4 डिग्री घटकर 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि रात का तापमान भी लगातार नीचे जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह ठंडक अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगी। सुबह और शाम के समय हल्की धुंध छाने लगी है, जिससे ठंड का अहसास और बढ़ गया है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि नवंबर के पहले सप्ताह के बाद सर्दी में तेजी आएगी। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। लेकिन इस बदलते मौसम के साथ सबसे बड़ी चिंता का विषय है प्रदूषण का बढ़ता स्तर, जो अब गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है।

भिवानी इस समय हरियाणा का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 406 दर्ज किया गया। यह स्तर “गंभीर” श्रेणी में आता है और सांस से जुड़ी बीमारियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा फतेहाबाद में AQI 309, सोनीपत में 317 और बल्लभगढ़ में 320 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने और मौसम में ठहराव की वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है।

राज्य के चार शहर — भिवानी, सोनीपत, फतेहाबाद और बल्लभगढ़ — रेड जोन में पहुंच गए हैं। एक दिन पहले तक पांच शहर रेड जोन में थे, जिनमें बहादुरगढ़, सोनीपत, बल्लभगढ़, चरखी दादरी और जींद शामिल थे। यह स्थिति साफ बताती है कि हरियाणा के अधिकांश औद्योगिक और कृषि क्षेत्र प्रदूषण की चपेट में हैं।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 2 नवंबर तक मौसम शुष्क रहेगा और उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की से मध्यम गति से चलेंगी। इन हवाओं के असर से तापमान और गिरेगा तथा सुबह-शाम की ठंडक और बढ़ेगी।

मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे पराली न जलाएं, क्योंकि इससे न केवल प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी खराब होती है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे वाहनों का कम उपयोग करें, जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें और मास्क का इस्तेमाल करें।

प्रदेश में इस समय मौसम और प्रदूषण दोनों की दोहरी चुनौती है — एक ओर ठंडी हवाएं दस्तक दे रही हैं, तो दूसरी ओर सांसें भारी हो रही हैं।