पाकिस्तान जासूसी केस: अब ज्योति मल्होत्रा की बेल पर हिसार कोर्ट कल करेगा सुनवाई,10 सितंबर को व्यक्तिगत पेशी के आदेश
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल पर हिसार कोर्ट ने आज भी फैसला टाल दिया। चार एप्लिकेशनों पर बहस पूरी हो चुकी है। अब 3 सितंबर को सुनवाई होगी और 10 सितंबर को व्यक्तिगत पेशी के आदेश दिए गए हैं।
➤ पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल पर हिसार कोर्ट ने फैसला टाला
➤ चार एप्लिकेशनों पर बहस पूरी, अब 3 सितंबर को सुनाया जाएगा निर्णय
➤ 10 सितंबर को कोर्ट ने ज्योति की व्यक्तिगत पेशी के आदेश दिए
हिसार। पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की डिफॉल्ट बेल याचिका पर आज (2 सितंबर) भी फैसला नहीं हो सका। हिसार कोर्ट ने इस मामले में निर्णय कल 3 सितंबर तक टाल दिया है। वहीं कोर्ट ने आदेश दिया है कि 10 सितंबर को ज्योति मल्होत्रा को व्यक्तिगत रूप से पेश किया जाए।
मामले में अब तक पुलिस की ओर से तीन और बचाव पक्ष की ओर से एक, कुल चार एप्लिकेशनों पर बहस पूरी हो चुकी है। संभावना है कि कल कोर्ट इन सभी पर एक साथ फैसला सुना दे।
25 अगस्त से चार्जशीट विवाद
25 अगस्त को ज्योति को कोर्ट में चार्जशीट सौंपने के लिए पेश किया गया था। लेकिन ठीक उसी समय हिसार पुलिस ने तीन एप्लिकेशन दाखिल कीं कि चार्जशीट की कुछ संवेदनशील सामग्री वकील को न दी जाए। पुलिस का कहना था कि पंचकूला सीएफएल का डेटा, पाक एजेंटों के साथ ज्योति की चैटिंग और अन्य संवेदनशील रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
पुलिस का तर्क – वकील को पूरा दस्तावेज देने से रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती है। इसमें गोपनीय जानकारी है जिसे मीडिया में लीक करना सही नहीं होगा।
बचाव पक्ष का दावा – ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने कहा कि पुलिस की एप्लिकेशन अवैध हैं और प्रावधानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में डिफॉल्ट बेल की एप्लिकेशन दायर की।
पुलिस का बेल पर विरोध
हिसार पुलिस ने कल बेल का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने कोर्ट में सीबीआई बनाम कपिल वधावन और दिल्ली हाईकोर्ट के इरफान बनाम स्टेट केसों का हवाला दिया और कहा कि इन मामलों में भी डिफॉल्ट बेल नहीं दी गई थी।
गिरफ्तारी और आरोप
15 मई को हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को गिरफ्तार किया था। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत केस दर्ज है। आरोप है कि ज्योति ने जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर अपराध किए।
अब 3 सितंबर को होने वाले कोर्ट के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
Akhil Mahajan