विश्व कैंसर दिवस पर कैलाश दीपक हॉस्पिटल का ‘एहसास’: कैंसर योद्धाओं के साहस, आशा और जीवन का उत्सव

विश्व कैंसर दिवस पर कैलाश दीपक हॉस्पिटल ने ‘एहसास’ कार्यक्रम आयोजित कर कैंसर योद्धाओं के साहस, आशा और समग्र देखभाल के महत्व को रेखांकित किया।

विश्व कैंसर दिवस पर कैलाश दीपक हॉस्पिटल का ‘एहसास’: कैंसर योद्धाओं के साहस, आशा और जीवन का उत्सव

➤ विश्व कैंसर दिवस पर ‘एहसास’ कार्यक्रम का आयोजन
➤ 16 से अधिक कैंसर योद्धाओं और परिजनों ने साझा की प्रेरक कहानियाँ
➤ चिकित्सा के साथ भावनात्मक संबल और समग्र देखभाल पर जोर


दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल कैलाश दीपक हॉस्पिटल ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर ‘एहसास’ नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर यह संदेश दिया कि कैंसर से जंग केवल दवाओं और इलाज तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह साहस, आशा और मानवीय संवेदनाओं की भी यात्रा है। यह आयोजन कैंसर योद्धाओं के अदम्य हौसले, दृढ़ता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को समर्पित रहा।

कार्यक्रम में 16 से अधिक कैंसर योद्धा और उनके परिजन एकत्रित हुए, जिन्होंने अपने संघर्ष, उपचार और विजय की भावनात्मक कहानियाँ साझा कीं। अस्पताल परिसर में आयोजित ‘एहसास’ ने एक ऐसा वातावरण रचा, जहाँ डर की जगह भरोसा, अकेलेपन की जगह एकजुटता और निराशा की जगह आशा दिखाई दी। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि कैलाश दीपक हॉस्पिटल अपने मरीजों के लिए केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन के कठिन दौर में एक मजबूत सहारा है।

इस अवसर पर कैंसर योद्धाओं को सम्मानित किया गया और उनकी ओर से प्रस्तुत भावनात्मक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों को गहराई से छू लिया। ये प्रस्तुतियाँ व्यक्तिगत जीत की कहानियों के साथ-साथ उस व्यापक दृष्टिकोण को भी दर्शाती रहीं, जिसमें उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के साथ दीर्घकालिक भावनात्मक सहयोग, पुनर्वास और आत्मविश्वास की पुनर्प्राप्ति पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान एक वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसके बाद संवादात्मक चर्चा हुई। इसमें कैंसर की समय पर पहचान, नियमित स्क्रीनिंग और समग्र देखभाल के महत्व पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने यह संदेश दिया कि सही समय पर हस्तक्षेप और सहयोगी वातावरण मरीजों को आशा और आत्मबल के साथ जीवन को फिर से अपनाने में सक्षम बनाता है।

इस मौके पर डॉ. पल्लवी शर्मा, निदेशक, कैलाश हेल्थकेयर, ने कहा कि ‘एहसास’ के माध्यम से अस्पताल अपने मरीजों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं देने की प्रतिबद्धता को दोहराता है। उन्होंने कहा कि विश्व कैंसर दिवस पर हर कैंसर योद्धा के साहस का उत्सव मनाना न केवल सम्मान है, बल्कि यह भरोसा भी है कि इलाज के बाद भी जीवन में आशा और आत्मविश्वास बना रहता है।

वहीं डॉ. संगीता गोयल, निदेशक, कैलाश दीपक हॉस्पिटल, ने कैंसर योद्धाओं के जज़्बे को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि अस्पताल हर कदम पर मरीजों के साथ चलता है और उन्हें चिकित्सा के साथ वह भावनात्मक संबल भी देता है, जो कैंसर के बाद जीवन को पूरी तरह अपनाने में मदद करता है।

ग्रुप सीओओ (ऑन्कोलॉजी) श्री समीर चौहान ने कहा कि ‘एहसास’ जैसे आयोजन यह याद दिलाते हैं कि कैंसर केवल एक चिकित्सीय चुनौती नहीं, बल्कि एक मानवीय यात्रा भी है। उन्नत उपचार के साथ भावनात्मक मार्गदर्शन और समग्र देखभाल ही मरीजों को नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शक्ति देती है।

कुल मिलाकर, यह दिन जीवन और जिजीविषा के रंगीन उत्सव में बदल गया। प्रेरक उपचार कहानियों, सहभागितापूर्ण गतिविधियों, खेलों और संगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से ‘एहसास’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साहस, आशा और बीमारी से परे मानवीय आत्मा की शक्ति को समर्पित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि बन गया।