मगन सुहाग केस: हाईकोर्ट से दिव्या को राहत, जानें आखिर क्यों मिली जमानत
मगन सुहाग सुसाइड केस में पत्नी दिव्या को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। दिव्या ने अपनी याचिका में कहा कि मृतक मगन ही उस पर पैसे कमाने और धमकी देने का दबाव डालता था। अब 23 अक्टूबर को रोहतक कोर्ट में अगली सुनवाई होगी।
मगन सुहाग सुसाइड केस में दिव्या को हाईकोर्ट से जमानत मिली
दिव्या ने मगन पर धमकी और पैसे के दबाव के लगाए आरोप
रोहतक कोर्ट में 23 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
हरियाणा के चर्चित मगन सुहाग सुसाइड केस में बड़ा मोड़ आया है। मृतक मगन की पत्नी दिव्या को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने यह राहत दिव्या की ओर से पेश की गई दलीलों के आधार पर दी है, जिसमें उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया और कहा कि वह खुद मगन के दबाव और धमकियों से परेशान थी।
इस मामले में गांव डोभ निवासी मगन सुहाग ने 18 जून को फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। मरने से पहले मगन ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था जिसमें उसने अपनी मौत के लिए पत्नी दिव्या और महाराष्ट्र पुलिस के सिपाही दीपक को जिम्मेदार ठहराया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
दिव्या की जमानत याचिका पहले रोहतक एडिशनल सेशन कोर्ट में कई बार — 4, 8, 9, 11 और 19 सितंबर — को सुनवाई के बाद खारिज हो चुकी थी। यहां तक कि उसकी अग्रिम जमानत याचिका भी अदालत ने ठुकरा दी थी। इसके बाद दिव्या ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां बुधवार को उसकी जमानत मंजूर कर ली गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को रोहतक सेशन कोर्ट में होगी।
दिव्या ने अपने बचाव में कोर्ट को बताया कि उसकी शादी 3 जुलाई 2019 को मगन से हुई थी। ससुराल वालों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया, जिसके कारण वह रोहतक में किराए पर रहने लगी। साल 2021 में बेटे के जन्म के बाद वह कुछ समय ससुराल भी रही, लेकिन जाति और दहेज को लेकर झगड़े शुरू हो गए।
दिव्या ने जमानत याचिका में यह भी कहा कि जब वह गर्भवती थी तब मगन एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन महीने जेल में रहा। इसी दौरान उसे पता चला कि मगन को नशे की लत है। वह खुद परिवार चलाने के लिए अहमदाबाद में कैटरिंग वेटर का काम करने लगी।
दिव्या ने यह गंभीर आरोप लगाया कि मगन ने ही उसे मुंबई के डांस बार में काम दिलवाया और उसे निजी पार्टियों में डांस करने को मजबूर किया ताकि ज्यादा पैसे कमा सके। दिव्या के मुताबिक, मगन ने उसकी पासबुक, डेबिट कार्ड और चेक बुक अपने पास रख लिए थे। ग्राहकों से जो भी पैसे मिलते, वह सीधे दिव्या के खाते में जमा होते, जिन्हें मगन निकाल लेता था। दिव्या का दावा है कि मगन ने उसकी कमाई में से 7,09,400 रुपये अपनी आदतों पर खर्च कर दिए।
उधर, मगन सुहाग के परिजनों ने हाईकोर्ट के फैसले पर असंतोष जताते हुए कहा है कि उन्हें न्याय चाहिए। मृतक के पिता ने कहा कि दिव्या और दीपक की वजह से ही उनके बेटे ने जान दी। वहीं, एडवोकेट अशोक कादयान ने कहा कि वे हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद आगे की कानूनी रणनीति तय करेंगे।
Author1