भांजे ने मामा को उतारा मौत के घाट, पैसों के लेन-देन का था मामला; दो गिरफ्तार

रेवाड़ी के गांव बव्वा में दो लाख रुपये के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में भांजे ने मामा की कथित रूप से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

भांजे ने मामा को उतारा मौत के घाट, पैसों के लेन-देन का था मामला; दो गिरफ्तार

रेवाड़ी के गांव बव्वा की घटना
दो लाख रुपये के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद
आरोपी रोहित और पत्नी ज्योति न्यायिक हिरासत में भेजे गए


हरियाणा के रेवाड़ी जिले के कोसली क्षेत्र स्थित गांव बव्वा में पैसों के लेन-देन को लेकर मामा-भांजे के बीच हुआ विवाद खूनी रूप ले बैठा। मारपीट के दौरान 44 वर्षीय परशुराम की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी रोहित और उसकी पत्नी ज्योति को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

डीएसपी विद्यानंद के अनुसार, दखौरा निवासी रोहित ने नोटबंदी के दौरान अपने मामा परशुराम के खाते में दो लाख रुपये जमा कराए थे। आरोप है कि परशुराम ने यह रकम खर्च कर दी थी और रोहित लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहा था।

बताया गया कि परशुराम गुरुग्राम में नौकरी करता था और 8 फरवरी को परिवार सहित गांव बव्वा में एक शादी में शामिल होने आया था। रोहित भी अपने परिवार और दोस्तों के साथ उसी शादी में शामिल होने पहुंचा था।

शादी के बाद रोहित अपने मामा के घर गया, जहां पैसों को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गया। इस दौरान परशुराम के सिर में गंभीर चोट लगी।

घटना के बाद रोहित अपने परिजनों और साथियों के साथ दो गाड़ियों में सवार होकर मौके से फरार हो गया। घायल परशुराम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परशुराम दो बच्चों के पिता और दो बहनों के इकलौते भाई थे। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने गुरुग्राम का मकान बेचकर गांव में घर बनाया था। उनकी पत्नी सुमन गांव में रहती हैं, जबकि बेटा-बेटी ग्रेजुएशन कर रहे हैं। परशुराम गुरुग्राम में अकेले रहते थे और हर शनिवार गांव आते थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।