नारनौल में राव नरेंद्र के स्वागत कार्यक्रम में बखेड़ा, प्रशासन ने हटवाए टेंट-कुर्सियां, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा

नारनौल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के स्वागत कार्यक्रम में प्रशासन ने टेंट और कुर्सियां हटवा दीं। कार्यकर्ताओं ने इसे सरकार के दबाव की कार्रवाई बताया, वहीं प्रशासन ने कहा अनुमति नहीं ली गई थी।

नारनौल में राव नरेंद्र के स्वागत कार्यक्रम में बखेड़ा, प्रशासन ने हटवाए टेंट-कुर्सियां,  कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हंगामा

नारनौल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के स्वागत कार्यक्रम में बखेड़ा
प्रशासन ने टेंट और कुर्सियां हटवाईं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताया रोष
राव नरेंद्र ने धूप में खड़े होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया



हरियाणा के नारनौल में कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के स्वागत कार्यक्रम में प्रशासन और कार्यकर्ताओं के बीच टकराव देखने को मिला। गुरुवार को जब राव नरेंद्र अपने गृह क्षेत्र पहुंचे, तो पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में उनके सम्मान में एक सभा रखी गई थी। कार्यक्रम स्थल पर टेंट और कुर्सियां लगाई गई थीं और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता फूल-मालाओं के साथ उनका इंतजार कर रहे थे।

नारनौल के रेस्ट हाउस में पहुंचे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह

मगर, राव नरेंद्र सिंह के पहुंचने से पहले ही पुलिस और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और वहां से टेंट व कुर्सियां हटवा दीं। अफसरों का कहना था कि सभा की अनुमति नहीं ली गई थी, केवल कमरों की बुकिंग करवाई गई थी। इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। उनका आरोप था कि अधिकारियों ने यह कदम सरकार के दबाव में उठाया है और यह पूरी तरह से ग़लत और पक्षपातपूर्ण है।

नारनौल के रेस्ट हाउस में प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत करते कार्यकर्ता

इसके बाद जब राव नरेंद्र सिंह रेस्ट हाउस पहुंचे, तो वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने बिना टेंट और कुर्सियों के ही धूप में उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं को खड़े होकर ही संबोधित किया और कहा कि इस तरह का रवैया छोटी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि रेस्ट हाउस सभी राजनीतिक दलों के लिए समान रूप से है और यहां पर पहले भी कार्यक्रम होते रहे हैं।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन पर तीखा प्रहार किया। कार्यकर्ता लोकेश सैनी उर्फ गांधी और कैलाश सोनी पहलवान ने कहा कि यह कार्रवाई यदि कांग्रेस की सरकार होती तो कभी नहीं होती। यह सीधे तौर पर राजनीतिक दबाव का परिणाम है।

अटेली में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का स्वागत करते हुए लोग

वहीं, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अश्वनी से ने कहा कि कांग्रेस की ओर से टेंट लगाने की अनुमति नहीं ली गई थी। सिर्फ कमरों की इजाजत दी गई थी। इसलिए टेंट और कुर्सियां हटाई गईं। लेकिन प्रदेशाध्यक्ष के करीबी बलविंद्र ने दावा किया कि इसके लिए मौखिक अनुमति पहले ही मिल चुकी थी।

इस पूरे विवाद ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति खड़ी कर दी। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह कदम वाकई प्रशासनिक था या फिर सरकार के दबाव में उठाया गया।