हरियाणा में IAS अधिकारी की भाई का मॉल सील, राजनीतिक दबाव का आरोप

नारनौल में नगर परिषद ने बिना CLU बनाए गए चार मंजिला मॉल को सील किया। मालिक ने कोर्ट स्टे के बावजूद कार्रवाई को राजनीति प्रेरित बताया। 200 वर्करों पर नौकरी का संकट।

हरियाणा में IAS अधिकारी की भाई का मॉल सील, राजनीतिक दबाव का आरोप
  • नारनौल में IAS अधिकारी अनिता यादव के भाई लाजपत यादव का मॉल नगर परिषद ने सील किया

  • मालिक का आरोप—कोर्ट स्टे के बावजूद कार्रवाई, राजनीतिक दबाव में हुई सीलिंग

  • बिना CLU निर्माण और नोटिस की अवहेलना के आधार पर नगर परिषद ने जताई कार्रवाई


हरियाणा के नारनौल में शुक्रवार को नगर परिषद की टीम ने महेंद्रगढ़ रोड स्थित पूर्व GM लाजपत यादव के करीब दो हजार गज में बने मॉल को सील कर दिया। यह मॉल IAS अधिकारी अनिता यादव के भाई के नाम पर है, जिसके निर्माण को नगर परिषद ने बिना CLU बताया है। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान मॉल में काम कर रहे लगभग 200 वर्कर को बाहर निकाल दिया गया, जिससे उनके रोजगार पर भी संकट खड़ा हो गया है।

नगर परिषद की टीम दोपहर लगभग एक बजे मॉल में पहुंची। मौके पर अधिकारियों ने मॉल की जांच की और नोटिस के आधार पर सीलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी। कार्रवाई के समय कर्मचारी, मजदूर और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

नारनौल में बने मॉल को सील करते हुए नगर परिषद कर्मचारी।

चार मंजिला तैयार हुआ मॉल

जानकारी के अनुसार, महेंद्रगढ़ रोड पर लाजपत यादव ने एक-एक हजार गज की दो जमीनों पर अलग-अलग हिस्सों में चार मंजिला मॉल बनाया हुआ है। मॉल का निर्माण लगभग सात साल पहले शुरू हुआ था। बीते 2 अक्टूबर को इस मॉल में पहला बड़ा शोरूम खोला गया था, जिसमें लाखों रुपए का सामान पड़ा हुआ है। मॉल सील होने के कारण पूरा स्टॉक अंदर ही बंद हो गया है।

पहले भी सीलिंग, कोर्ट ने दी थी दो साल की मोहलत

नगर परिषद के ईओ सुशील कुमार ने बताया कि मॉल को पहले भी सील किया गया था। उसके बाद मालिक ने कोर्ट में याचिका लगाई थी। कोर्ट ने मालिक को दो साल के भीतर CLU लेने का आदेश दिया था। लेकिन निर्धारित समय में CLU न लेने पर नगर परिषद ने उन्हें 208 का नोटिस जारी किया था। इसी नोटिस के तहत शुक्रवार को पूरी कार्रवाई की गई।

राजनीति से प्रेरित: मॉल मालिक

मॉल मालिक लाजपत यादव ने सीलिंग को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट से स्टे लेने के बावजूद इस प्रकार की कार्रवाई करना आदेशों की अवहेलना है। उनका आरोप है कि मॉल के पीछे भाजपा कार्यालय बन रहा है, जिसके लिए न तो CLU ली गई है और न अन्य कागजात पूरे किए गए हैं। ऐसे में मॉल पर ही कार्रवाई करना राजनीतिक दबाव का हिस्सा है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिले में मास्टर प्लान न होने के कारण DTP की ओर से CLU प्रक्रिया में समय लग रहा है।

200 वर्करों पर संकट

सीलिंग के दौरान मॉल में उपस्थित करीब 200 वर्करों को बाहर कर दिया गया। इनमें पुरुषों के साथ कई महिला कर्मचारी भी थीं। वर्करों ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई अचानक करने से उनकी नौकरी पर संकट आ गया है। कर्मचारियों राजेंद्र, सूरज, अनिता, दिनेश आदि ने बताया कि यह कार्रवाई सही तरीके से नहीं की गई, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।

नगर परिषद की ओर से कहा गया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है, लेकिन मालिक और कर्मचारियों में नाराज़गी कायम है। मामले को लेकर दोपहर बाद कोर्ट में भी सुनवाई प्रस्तावित है।