...अपराध कंट्रोल नहीं किए, तो डिमोशन को तैयार रहें अफसर
हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने कानून-व्यवस्था, अपराध और नशे पर सख्त रुख अपनाया। लापरवाही पर एसपी और थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
➤ कानून-व्यवस्था में ढिलाई पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम
➤ अपराध और नशे पर जीरो टॉलरेंस, एसपी-थाना प्रभारी होंगे जिम्मेदार
➤ महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही पर एक्शन तय
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण में नाकाम रहने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जरूरत पड़ी तो डिमोशन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री का यह बयान प्रशासनिक महकमे के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को फरीदाबाद में बजट पूर्व परामर्श बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि जिन थाना क्षेत्रों में अपराध या नशे की गतिविधियां बढ़ेंगी, वहां के एसपी और थाना प्रभारी सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे। केवल कागजी रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम दिखाने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस एक सक्षम और सशक्त बल है, लेकिन जहां अपराध और नशे का नेटवर्क पनप रहा है, वहां अधिकारियों को आत्ममंथन करना होगा। अपराध की जड़ों तक पहुंचकर ठोस रणनीति के साथ कार्रवाई करनी होगी। केवल औपचारिक कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार नहीं आएगा।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराध, छेड़छाड़ या अवैध गतिविधियों की शिकायत पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
नशे को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल युवाओं का भविष्य ही नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने निर्देश दिए कि नशे और अपराध के खिलाफ अभियान और तेज व सख्त किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि जनता को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल मिले।
मुख्यमंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि सरकार अब परिणाम आधारित प्रशासन चाहती है। अपराध नियंत्रण में विफल रहने वाले अधिकारियों को पद और प्रतिष्ठा दोनों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस मौके पर मंत्री विपुल गोयल, राजेश नागर, राव नरवीर सिंह, मुख्य प्रधान सचिव आरके खुल्लर, पूर्व मंत्री मूलचंद शर्मा, विधायक धनेश अदलखा और कई उद्यमी मौजूद रहे।
Akhil Mahajan